✍️ बीकानेर ब्यूरो | 📅 29 जून 2026 (सोमवार) | 🏷️ क्राइम | साइबर | बीकानेर
— साइबर ठगी का जखीरा बरामद: स्कॉर्पियो गाड़ी से 9 मोबाइल, 9 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 चेक बुक, 3 पैन कार्ड और 4 आधार कार्ड जब्त।
— तकनीकी जांच में बड़ा खुलासा: NCRP पर दर्ज शिकायतों के आधार पर 68 लाख 52 हजार रुपये की ठगी प्रमाणित।
— ठगी का तरीका: फर्जी बैंक खाते खुलवाकर और कंप्यूटर जनरेटेड आईडी का दुरुपयोग कर भोले-भाले लोगों को बनाते थे शिकार।
— 5 सदस्य दबोचे: सीताराम, मुन्नीराम, रामस्वरूप, रामप्रकाश और राधाकिशन गिरफ्तार; थानाधिकारी विक्रम तिवारी और एएसआई पूर्णाराम की टीम ने की कार्रवाई।
बीकानेर, 29 जून (सोमवार)। बीकानेर में साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जयनारायण व्यास कॉलोनी (JNVC) थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी की घेराबंदी कर 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो देश भर में लोगों को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों के ट्रांजेक्शन कर रहे थे।
संदिग्ध स्कॉर्पियो से मिला ठगी का सामान
रविवार 28 जून को थाना पुलिस को एक संदिग्ध स्कॉर्पियो गाड़ी की सूचना मिली। पुलिस ने गाड़ी को रुकवाकर थाने लाया और सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान गाड़ी से साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का जखीरा मिला — 9 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 3 चेक बुक, 3 पैन कार्ड तथा 4 आधार कार्ड बरामद किए गए। थानाधिकारी विक्रम तिवारी और एएसआई पूर्णाराम ने जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया।
68.52 लाख का फ्रॉड, NCRP पर दर्ज थीं शिकायतें
एएसआई पूर्णाराम ने साइबर सेल और साइबर पुलिस थाना बीकानेर की टीम के साथ मिलकर बरामद मोबाइल और सिम कार्ड का तकनीकी विश्लेषण किया तो ठगी के बड़े नेटवर्क की परतें खुल गईं। जांच में सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पहले से ही अनेक शिकायतें दर्ज थीं। धर्मेंद्र सियाग का SBI खाता, रामप्रकाश का ICICI खाता और सीताराम का UCO बैंक खाता — इन तीनों के माध्यम से कुल 68 लाख 52 हजार रुपये की साइबर ठगी प्रमाणित हो चुकी है।
ठगी का तरीका: फर्जी खाते और प्रतिरूपण
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह एक संगठित गिरोह है। आरोपी अलग-अलग बैंकों में फर्जी दस्तावेज लगाकर खाते खुलवाते थे। इसके बाद खाताधारकों की बिना अनुमति के कंप्यूटर जनरेटेड आईडी और पासवर्ड चुराकर या उनका प्रतिरूपण (Impersonation) करके साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे। यह गिरोह देश भर के भोले-भाले लोगों को निशाना बनाता था।
5 आरोपी गिरफ्तार, आगे भी होगी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में सीताराम, मुन्नीराम, रामस्वरूप, रामप्रकाश और राधाकिशन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। थानाधिकारी विक्रम तिवारी के नेतृत्व में टीम अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी की अन्य वारदातों की गहन पड़ताल कर रही है।

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