बीकानेर: कोतवाली पुलिस का शिकंजा — नौकरी के बहाने ज्वेलरी शॉप में घुसे, 75 ग्राम सोना उड़ाया और मुंबई भागे, पकड़े गए; कोर्ट ने भी जमानत देने से किया इनकार
✍️ बीकानेर ब्यूरो | 📅 29 जून 2026 (सोमवार) | 🏷️ क्राइम | बीकानेर
— विश्वासघात की वारदात: जुगल जोड़ी ज्वेलर्स में मात्र 5-6 दिन पहले काम पर रखे गए नौकर ने दिनदहाड़े 75 ग्राम सोना चुराया, पूरी वारदात CCTV में कैद।
— मुंबई तक पहुँची पुलिस: कोतवाली थाने के ASI राकेश मीना की अगुवाई में आरोपी राजू मंडल व सुबरात अली शेख को मुंबई से दबोचा, चोरी का संपूर्ण सोना बरामद।
— कोर्ट का कड़ा रुख: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-3 ने जमानत याचिका खारिज की — "सेवक द्वारा मालिक की दुकान में चोरी गंभीर अपराध।"
— व्यापारियों को राहत: अधिवक्ता अनिल सोनी की दलीलों ने कोर्ट में दिखाया दम, स्वर्णकार समाज में भय के माहौल का मुद्दा उठाया।
बीकानेर, 29 जून (सोमवार)। भरोसे का फायदा उठाकर सोना चुराने वाले शातिर आरोपी न मुंबई की भीड़ में छुप सके और न ही अदालत से राहत पा सके। बीकानेर के जुगल जोड़ी ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हुई 75 ग्राम सोने की चोरी के इस मामले में कोतवाली पुलिस ने आरोपियों को मुंबई से दबोचा और अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (संख्या-3) बीकानेर ने भी जमानत याचिका खारिज कर आरोपी को जेल में ही रखने का आदेश दे दिया है।
नौकरी के बहाने रची साजिश
जुगल जोड़ी ज्वेलर्स के मालिक कपिल सोनी पुत्र जुगल नारायण सोनी ने आरोपी राजू मंडल को महज 5-6 दिन पहले दुकान पर काम पर रखा था। राजू ने मालिक का विश्वास जीतकर मौका ताड़ा और दिनदहाड़े दुकान से 75 ग्राम सोना उड़ा लिया। वारदात को अंजाम देकर वह अपने साथी सुबरात अली शेख पुत्र मोहम्मद अली शेख, निवासी जुझारपुर, जिला वर्धमान, पश्चिम बंगाल के साथ फरार हो गया। लेकिन दुकान में लगे CCTV कैमरे ने पूरी करतूत रिकॉर्ड कर ली थी।
कोतवाली पुलिस ने मुंबई में दी दबिश, एएसआई राकेश मीना चमके
चोरी की वारदात के बाद शहर के स्वर्णकार व्यापारियों में हड़कंप मच गया था। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी टीम को एक्टिव किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा किया और आखिरकार दबिश देकर मुख्य आरोपी राजू मंडल और उसके साथी सुबरात अली शेख पुत्र मोहम्मद अली शेख (निवासी— गांव जुझारपुर, जिला वर्धमान, पश्चिम बंगाल) को मुंबई से धर दबोचा।
इस पूरे इंटर-स्टेट ऑपरेशन और रिकवरी में कोतवाली थाने के सहायक उप निरीक्षक राकेश मीना की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण और सराहनीय रही। एएसआई राकेश मीना ने आरोपियों के पास से चोरी किया गया पूरा का पूरा 75 ग्राम सोना सकुशल और शत-प्रतिशत बरामद कर लिया। माल की शत-प्रतिशत रिकवरी होने पर बीकानेर के व्यापारिक संगठनों और स्वर्णकार समाज द्वारा कोतवाली पुलिस की पीठ थपथपाई जा रही है।
अधिवक्ता अनिल सोनी की दलीलें: "व्यापारियों में है डर का माहौल"
न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान परिवादी कपिल सोनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सोनी ने मजबूत पैरवी की। एडवोकेट अनिल सोनी ने आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का पुरजोर विरोध करते हुए कोर्ट के सामने तर्क रखा कि वर्तमान समय में स्वर्णकार व्यापारियों को अपराधियों द्वारा लगातार टारगेट किया जा रहा है। दिनदहाड़े लूट, डकैती और हत्या जैसी वारदातें बढ़ रही हैं, जिससे पूरे व्यापारिक समुदाय में भय का माहौल है।
उन्होंने दलील दी कि इन आरोपियों का स्थायी पता पश्चिम बंगाल का है और इन्हें मुंबई से पकड़ा गया है; ऐसे में यदि पुलिस द्वारा कोर्ट में चालान (आरोप पत्र) पेश करने से पहले ही इन्हें जमानत का लाभ दे दिया गया, तो इनके दोबारा देश के किसी अन्य कोने में भाग जाने और कानून की गिरफ्त से दूर होने की पूरी संभावना बनी रहेगी।
न्यायालय की सख्त टिप्पणी: "सेवक की हैसियत से चोरी करना गंभीर अपराध"
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी ने परिवादी के अधिवक्ता अनिल सोनी की गंभीर दलीलों और पुलिस के केस डायरी साक्ष्यों से सहमति जताई। कोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिका को नामंजूर करते हुए अपने आदेश में सख्त टिप्पणी की।
न्यायालय ने कहा कि आरोपियों पर "एक सेवक की हैसियत से अपने ही मालिक की दुकान में दिनदहाड़े चोरी करने का बेहद गंभीर और विश्वासघाती अपराध" दर्ज है। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि समाज में इस प्रकार के अमानत में खयानत और चोरी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपियों को किसी भी प्रकार की न्यायिक राहत या जमानत देना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट के इस कड़े संदेश और पुलिस की मुस्तैदी से बीकानेर के सर्राफा व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।

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