— 3 साल से चल रहा था फरार: पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के विशेष अभियान के तहत मिली सफलता; चूरू के सुजानगढ़ से दबोचा गया इनामी तस्कर।
— गैंग के 6 गुर्गे पहले ही जा चुके हैं जेल: साहिल खान, प्रदीप, सोनू, रामनिवास, राहुल और बंशीधर की गिरफ्तारी के बाद से ही छुपा बैठा था आरोपी।
— कोर्ट में पेश कर लिया पीसी रिमांड: थानाधिकारी धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम करेगी विस्तृत अनुसंधान; जाली नोटों के छपाई नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस।
बीकानेर, 22 जून (सोमवार)। बीकानेर की कोटगेट थाना पुलिस ने जाली (नकली) नोटों की तस्करी और बाजार में खपाने वाले एक बड़े अंतरजिला गिरोह के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए पिछले तीन साल से फरार चल रहे एक मुख्य वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। यह आरोपी साल 2023 में बीकानेर में पकड़े गए 22 लाख 2 हजार रुपये के जाली नोट कांड के बाद से ही लगातार अपनी पहचान छुपाकर फरारी काट रहा था।
पुलिस की इस बड़ी स्ट्राइक से नकली नोटों के अवैध धंधे से जुड़े अपराधियों और जाली करेंसी के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
एसपी और एएसपी के निर्देशन में कोटगेट थानाधिकारी ने बिछाया जाल
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, बीकानेर पुलिस अधीक्षक (SP) श्री मृदुल कच्छावा (IPS) द्वारा जिले में वांछित अपराधियों और गंभीर मामलों में फरार चल रहे इनामी बदमाशों की धरपकड़ के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) शहर श्री चक्रवर्ती सिंह राठौड़ (RPS) के कुशल निर्देशन और वृत्ताधिकारी (CO) नगर के निकट सुपरविजन में कोटगेट थानाधिकारी श्री धीरेंद्र सिंह (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने तकनीकी सेल की मदद और गोपनीय सूचना के आधार पर जाल बिछाकर वांछित आरोपी को चूरू जिले की सीमा से दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
पुलिस टीम द्वारा दबोचे गए शातिर वांछित आरोपी की पहचान इस प्रकार हुई है:
- रामावतार शर्मा पुत्र मुन्नीराम शर्मा (जाति ब्राह्मण, उम्र 27 साल), निवासी— सारोठिया, पुलिस थाना सुजानगढ़ सदर, जिला चूरू।
क्या था साल 2023 का यह बहुचर्चित जाली नोट प्रकरण?
कोटगेट पुलिस के अनुसार, साल 2023 में बीकानेर शहर और आस-पास के इलाकों में असली नोटों के बीच नकली नोट खपाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया था। उस समय पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह के 6 मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कुल 22,02,000 (22 लाख 2 हजार) रुपये के जाली नोट बरामद किए थे।
पूर्व में गिरफ्तार हो चुके आरोपियों का विवरण:
- साहिल खान (22 वर्ष), निवासी— पंडित जी की चक्की के पास, लूणकरणसर, बीकानेर।
- प्रदीप सारस्वत (21 वर्ष), निवासी— वार्ड नंबर 4, बामनवाली, थाना लूणकरणसर, बीकानेर।
- सोनू उर्फ संदीप कुमार शर्मा (21 वर्ष), निवासी— वार्ड नंबर 12, चौधरी कॉलोनी, लूणकरणसर, बीकानेर।
- रामनिवास गोदारा (20 वर्ष), निवासी— जैसा, थाना लूणकरणसर, बीकानेर।
- राहुल सारस्वत (19 वर्ष), निवासी— वार्ड नंबर 13, गर्ल्स स्कूल के पास, थाना कालू, बीकानेर।
- बंशीधर उर्फ जॉर्डन (25 वर्ष), निवासी— वार्ड नंबर 4, सेरूणा, थाना सेरूणा, बीकानेर।
गहन पूछताछ जारी, खुलेंगे जाली करेंसी के कई बड़े राज
पुलिस ने बताया कि साल 2023 में जब उपर्युक्त छह आरोपियों को भारी मात्रा में नकली करेंसी के साथ रंगे हाथों दबोचा गया था, तब आरोपी रामावतार शर्मा का नाम इस पूरे रैकेट के मुख्य सप्लायर और मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया था। साथियों की गिरफ्तारी की भनक लगते ही रामावतार अंडरग्राउंड हो गया था और लगातार ठिकाने बदल रहा था।
थानाधिकारी श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तारशुदा आरोपी रामावतार शर्मा को सोमवार को न्यायालय (कोर्ट) के समक्ष पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उसका पीसी रिमांड (Police Custody Remand) हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस टीम उससे यह उगलवाने का प्रयास कर रही है कि इन जाली नोटों को छापने के लिए हाई-टेक प्रिंटर और विशेष कागज कहां से लाया जाता था और इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय स्तर पर किन बड़े माफियाओं से जुड़े हुए हैं। पूछताछ के बाद इस मामले में कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे होने की पूरी संभावना है।

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