— चंचलाई नाड़ी के पास खूनी घेराबंदी: 5-6 गाड़ियों में सवार होकर आए थे मनोज गोदारा और उसके 12 साथी; कैम्पर गाड़ी रुकवाकर बाबूलाल जाट और अशोक बिश्नोई पर किया जानलेवा हमला।
— स्कॉर्पियो में किडनैपिंग और ताबड़तोड़ फायरिंग: पीड़ित बाबूलाल को जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने लगे बदमाश; मनोज, दौलत और हरिकिशन ने पिस्तौल से दागीं गोलियां, पेट में लगी गोली।
— दावा प्याऊ के पास फेंककर हुए फरार: रातभर बेरहमी से मारपीट करने के बाद मरणासन्न हालत में सड़क किनारे पटका; पीबीएम अस्पताल बीकानेर में दोनों घायलों का इलाज जारी, पत्नी गुड्डी ने दर्ज कराया केस।
बीकानेर, 16 जून (मंगलवार)। बीकानेर जिले के नोखा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केड़ली गांव की सरहद पर रविवार-सोमवार की दरमियानी रात आपसी रंजिश और पैसों के लेन-देन को लेकर एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ कुछ बदमाशों ने योजनाबद्ध तरीके से दो युवकों को हिसाब-किताब करने के बहाने सुनसान इलाके में बुलाया और फिर फिल्मी अंदाज में उनका अपहरण कर उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
लोहे के सरियों और लाठियों से पीट-पीटकर दोनों को मरणासन्न करने के बाद बदमाश उन्हें हाईवे किनारे फेंककर फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर सोमवार रात पीड़ित की पत्नी ने नोखा थाने में नामजद जानलेवा हमले और किडनैपिंग का मुकदमा दर्ज करवाया है। दोनों घायलों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
पैसे लेने नोखागांव से केड़ली पहुंचे थे दोनों दोस्त, गाड़ियों के काफिले ने घेरा
नोखा थाना पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष को लेकर पीड़ित बाबूलाल की पत्नी गुड्डी जाट ने नोखा थाने में लिखित रिपोर्ट पेश की है।
- हिसाब के बहाने बुलावा: गुड्डी जाट ने बताया कि 14 जून की शाम को नोखागांव निवासी मनोज गोदारा ने उसके पति बाबूलाल को फोन किया था। मनोज ने कहा कि तुम्हारा जो भी पैसा बकाया है, वह केड़ली गांव आकर ले जाओ।
- रात 11:30 बजे घेराबंदी: इस पर बाबूलाल जाट अपने दोस्त अशोक बिश्नोई (निवासी— अलाय) के साथ अपनी बोलेरो कैम्पर गाड़ी में सवार होकर रात करीब 11:30 बजे केड़ली स्थित चंचलाई नाड़ी की पड़त (सुनसान मैदान) के पास पहुंचे। वहां पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। बदमाशों के काफिले में एक स्कॉर्पियो, एक बोलेरो डीआई और तीन-चार अन्य बोलेरो कैम्पर गाड़ियां शामिल थीं, जिनमें 10 से 12 हमलावर हथियारों से लैस होकर आए थे।
पिस्तौल से किए सीधे फायर, जबरन स्कॉर्पियो में डालकर ले गए बदमाश
रिपोर्ट के अनुसार, जब बाबूलाल और अशोक बिश्नोई ने खतरा भांपकर अपनी गाड़ी को पीछे मोड़कर भागने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उनकी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ियां अड़ा दीं।
- सरेआम किडनैपिंग: गाड़ियों से नीचे उतरे मनोज गोदारा, दौलत, हरिकिशन, उमेश धारणिया, बाबूलाल गोदारा, मोहनसिंह और उनके अन्य साथियों ने लाठियों और सरियों से कैम्पर के शीशे तोड़ दिए। वे बाबूलाल को जबरन घसीटते हुए नीचे उतारकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में डालने लगे।
- तीन आरोपियों ने की फायरिंग: इस दौरान जब बाबूलाल और अशोक ने विरोध किया, तो मुख्य आरोपी मनोज गोदारा ने अपनी पिस्तौल निकालकर बाबूलाल पर सीधा फायर झोंक दिया। इसके तुरंत बाद दौलत और हरिकिशन ने भी पिस्तौल से ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे गोली बाबूलाल के पेट को चीरती हुई निकल गई। इसके बाद बदमाश दोनों को लहूलुहान हालत में गाड़ी में डालकर ले गए।
रातभर पीटा और दावा प्याऊ के पास फेंका, पीबीएम में चल रहा है इलाज
अपहरण करने के बाद बदमाशों ने चलती गाड़ी में और सुनसान जगह पर ले जाकर दोनों दोस्तों को लाठियों, हॉकी और लोहे के सरियों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनके हाथ-पैर टूट गए और सिर पर गंभीर चोटें आईं। जब बदमाशों को लगा कि दोनों की मौत हो चुकी है, तो वे सोमवार अलसुबह उन्हें दावा प्याऊ के पास सड़क किनारे अधमरी स्थिति में फेंककर गाड़ियों सहित फरार हो गए।
सुबह वहां से गुजर रहे राहगीरों ने जब दोनों को तड़पते देखा, तो तुरंत नोखा पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने घायलों को तत्काल नोखा अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी क्रिटिकल हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पीबीएम अस्पताल, बीकानेर के ट्रॉमा सेंटर रैफर कर दिया, जहां वे वेंटिलेटर और क्रिटिकल केयर सपोर्ट पर हैं।
सीओ जरनैल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमों की संभावित ठिकानों पर दबिश
केड़ली गांव की नाड़ी के पास हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे नोखा बेल्ट में तनाव और दहशत का माहौल है। नोखा पुलिस उपाधीक्षक (CO) जरनैल सिंह ने बताया कि पीड़ित की पत्नी गुड्डी जाट की रिपोर्ट पर मनोज गोदारा सहित अन्य के खिलाफ जानलेवा हमला (BNS की धारा 109), अपहरण और आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
मामले की भयंकर संवेदनशीलता को देखते हुए बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देश पर नोखा और जसरासर पुलिस की 4 विशेष विंग टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें आरोपियों के सभी संभावित ठिकानों, ढाणियों और ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस उपाधीक्षक ने दावा किया है कि मुख्य आरोपी और उनकी गाड़ियां चिन्हित की जा चुकी हैं और जल्द ही पूरी गैंग पुलिस की गिरफ्त में होगी, जिसके बाद ही इस खूनी रंजिश के मुख्य कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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