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पीबीएम ट्रॉमा सेंटर में आधी रात को 'गैंगवार' की कोशिश: फायरिंग में घायल युवक पर हमले के लिए घुसे हथियारबंद बदमाश; पुलिस मुस्तैद, सुरक्षित वार्ड में किया शिफ्ट

India-1stNews



​— सनसनीखेज दुस्साहस: चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के दौरे से ठीक 24 घंटे पहले संभाग के सबसे बड़े अस्पताल के भीतर मची भारी भगदड़ और दहशत।

रामपुरा बस्ती फायरिंग का कनेक्शन: सोमवार को लेन-देन के विवाद में मुकेश बिश्नोई के पैर में लगी थी गोली; बदला पूरा करने के लिए हथियारों के साथ वॉर्ड तक पहुंचे शूटर।

खाकी को देख भागे हमलावर: मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस जाब्ते ने पूछताछ की तो खुद को घिरता देख भागे बदमाश; अंधेरे का फायदा उठाकर हुए रफूचक्कर।

छावनी बना अस्पताल: घटना के बाद दो थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा; पूरे पीबीएम परिसर में नाकाबंदी, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस।

बीकानेर, 11 जून (गुरुवार)। सूबे के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के आगमन और प्रसूता कांड को लेकर मचे भारी बवाल के बीच बीकानेर का पीबीएम (PBM) अस्पताल बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक भीषण गैंगवार का मुख्य केंद्र बनने से बाल-बाल बच गया। पीबीएम अस्पताल के सबसे व्यस्ततम और संवेदनशील माने जाने वाले ट्रॉमा सेंटर के भीतर देर रात हथियारों से लैस कुछ अज्ञात बदमाशों ने वॉर्ड में बेड पर लेटे एक घायल युवक पर कातिलाना हमला करने का दुस्साहस किया।

​गनीमत यह रही कि वॉर्ड में मुस्तैदी से तैनात पुलिस जाब्ते और निजी सुरक्षाकर्मियों की विधिक सतर्कता के चलते समय रहते बदमाशों को खदेड़ दिया गया, जिससे अस्पताल के भीतर एक बड़ी खूनी वारदात होने से टल गई। हालांकि, इस घटना के बाद पूरे पीबीएम परिसर में हड़कंप मच गया है और मरीजों व उनके परिजनों में खौफ का माहौल है।

रामपुरा बस्ती में लेन-देन के विवाद में लगी थी गोली, ट्रॉमा में चल रहा था इलाज

​प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस पूरी खौफनाक वारदात के तार सोमवार को मुक्ताप्रसाद नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रामपुरा बस्ती की गली नंबर 18 में हुई सरेराह फायरिंग से जुड़े हुए हैं।

​सोमवार को रामपुरा बस्ती में पैसों के लेन-देन और पुरानी रंजिश के चलते दो कुख्यात पक्षों के बीच अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। इस विधिक गैंगवार के दौरान विरोधी गुट की गोली मुकेश बिश्नोई नाम के युवक के दाएं पैर में जा धंसी थी। वारदात के तुरंत बाद मुक्ताप्रसाद पुलिस ने मुकेश को गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के सर्जिकल वॉर्ड में भर्ती करवाया था, जहां पुलिस पहरे के बीच उसका इलाज चल रहा था।

देर रात हथियारों के साथ वॉर्ड में घुसे शूटर, सुरक्षाकर्मियों ने टोका तो मची भगदड़

​चश्मदीदों और अस्पताल के स्टाफ के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच जब अस्पताल में सन्नाटा पसरा हुआ था, तभी 3 से 4 संदिग्ध युवक चुपके से ट्रॉमा सेंटर के पिछले रास्ते से भीतर दाखिल हुए।

  • सीधे टारगेट की तरफ बढ़े: प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इन संदिग्ध युवकों के हाथों में धारदार हथियार और कपड़े के नीचे कट्टे (पिस्तौल) छिपे होने का अंदेशा था। ये लोग बिना किसी विधिक पर्ची या पूछताछ के सीधे मुकेश बिश्नोई के बेड की तरफ तेजी से बढ़ने लगे।
  • घेराबंदी देख भागे: मुकेश के बेड के पास तैनात पुलिस कांस्टेबल और निजी सुरक्षा गार्ड्स (सिक्योरिटी विंग) को इन युवकों की चाल-ढाल और गतिविधियां बेहद संदेहास्पद लगीं। जैसे ही सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कड़े लहजे में रोका और पूछताछ के लिए घेरा, बदमाश सकपका गए। खुद को चौतरफा पुलिस से घिरता देख शूटरों ने भागना शुरू कर दिया। सुरक्षाकर्मियों ने गैलरी से लेकर मुख्य मार्ग तक उनका पीछा भी किया, लेकिन आरोपी परिसर में फैले रात के अंधेरे का विधिक फायदा उठाकर तेजी से ओझल (फरार) हो गए।

सुरक्षित वॉर्ड में शिफ्ट हुआ मुकेश, दो थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा

​अस्पताल के भीतर हथियारबंद बदमाशों के घुसने और गैंगवार की कोशिश की इस हाई-वोल्टेज सूचना से पूरे बीकानेर पुलिस महकमे में आपातकालीन अलर्ट जारी हो गया। सूचना मिलते ही सदर और नयाशहर थाना पुलिस का भारी जाब्ता और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) कुछ ही मिनटों में ट्रॉमा सेंटर पहुंची और पूरे बिल्डिंग को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया।

​पुलिस अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर और मुकेश की जान के विधिक खतरे को देखते हुए उसे तुरंत जनरल वॉर्ड से हटाकर एक गोपनीय और अत्यधिक सुरक्षित वॉर्ड (Secret Secure Ward) में शिफ्ट कर दिया है, जहां 24 घंटे सशस्त्र कमांडो तैनात रहेंगे।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है साइबर विंग, पुरानी रंजिश की कड़ियां जुड़ीं

​पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के कड़े निर्देशों के बाद नयाशहर थाना पुलिस ने मामले की गहनता से विधिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक विशेष साइबर विंग ट्रॉमा सेंटर के प्रवेश द्वारों, मुख्य कॉरिडोर, पार्किंग स्टैंड और पीबीएम के एग्जिट गेट्स पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के डिजिटल फुटेज को रिकवर कर रही है।

​प्रारंभिक तौर पर पुलिस का मानना है कि यह हमला रामपुरा बस्ती में गोली चलाने वाले गैंग के शूटरों द्वारा ही मुकेश को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से प्लान किया गया था। शहर में लगातार हो रही चाकूबाजी और अब अस्पताल के भीतर तक पहुंचे अपराधियों के इन हौसलों ने बीकानेर की जनता को पूरी तरह डरा दिया है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे संदिग्धों के चेहरों का मिलान कर आरोपियों को बहुत जल्द विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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