— 25 जून को स्थानीय अवकाश घोषित: जिला कलेक्टर ने जारी किए आदेश; कल गुरुवार को निर्जला एकादशी और 6 नवंबर को धनतेरस पर जिले में रहेगा स्थानीय अवकाश।
— रिमझिम बारिश के बीच तैयारियां तेज: परकोटे के आराध्य देव श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में भव्य मेले को लेकर लगाए जा रहे टेंट; समिति संभालेगी दर्शनार्थियों के लिए शीतल जल और शर्बत की कमान।
— गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल: निर्जला एकादशी और मोहर्रम के मद्देनजर दोनों समुदायों की बैठक में बड़ा फैसला; श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अखाड़े का समय बदला, मिलकर मनाएंगे त्योहार।
बीकानेर, 24 जून (बुधवार)। बीकानेर शहर में आस्था, उल्लास और सामाजिक सौहार्द के संगम के साथ कल (25 जून, गुरुवार) 'निर्जला एकादशी' का महापर्व बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा बीकानेर जिले में स्थानीय अवकाश (Local Holiday) घोषित किया गया है। वहीं, परकोटे के ऐतिहासिक श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में लगने वाले बीकानेर के प्रसिद्ध वार्षिक मेले को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं।
बुधवार शाम को शहर में हुई रिमझिम बारिश के बीच भी मंदिर परिसर और मुख्य प्रवेश द्वार के बाहरी क्षेत्र में टेंट लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी रहा।
कलेक्टर ने घोषित किए वर्ष 2026 के दो स्थानीय अवकाश
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट (बीकानेर) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, वर्ष 2026 के लिए जिले में दो स्थानीय अवकाश स्वीकृत किए गए हैं:
- 25 जून 2026 (गुरुवार): निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर संपूर्ण जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा।
- 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार): दीपावली पर्व के दौरान धनतेरस के उपलक्ष्य में जिले के सभी राजकीय कार्यालयों और संस्थाओं में स्थानीय अवकाश रहेगा।
श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर में दर्शन का समय और समिति की विशेष सेवाएं
श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति के सचिव श्री सीताराम कच्छावा ने बताया कि 25 जून (गुरुवार) को आयोजित होने वाले इस विशाल मेले में बीकानेर संभाग से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन के लिए समय-सारणी इस प्रकार तय की गई है:
- मेले व दर्शन का समय: सुबह 5:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक तथा पुनः शाम को 6:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
- श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क सुविधाएं: भीषण गर्मी को देखते हुए विकास समिति द्वारा दर्शनार्थियों के लिए ठंडे शर्बत की सेवा, शीतल जल सेवा, निःशुल्क जूता-चप्पल जमा केंद्र, खोया-पाया (Help Desk) केंद्र तथा सुचारू रूप से कतारबद्ध दर्शन कराने के लिए विशेष बैरिकेडिंग व वालंटियर्स की व्यवस्था की गई है।
सौहार्द की मिसाल: देर रात 11:30 बजे बाद सजेगा मुस्लिम पिंजारा समाज का अखाड़ा
इस बार निर्जला एकादशी मेले और मोहर्रम के आयोजनों के एक ही समय होने के कारण बीकानेर में गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की एक बेहद खूबसूरत मिसाल देखने को मिली है।
समिति के सचिव सीताराम कच्छावा ने बताया कि मंसूरी पिंजारा समाज संस्थान और श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर विकास एवं पर्यावरण समिति के पदाधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में मंसूरी पिंजारा समाज ने ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लेते हुए यह सहमति दी कि एकादशी मेले के कारण लक्ष्मीनाथ जी की घाटी में लगने वाले पारंपरिक अखाड़े को वे रात्रि 11:30 बजे के बाद (मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ कम होने पर) शुरू करेंगे। इस सकारात्मक पहल के लिए मंदिर समिति ने मुस्लिम समाज का आभार जताया।
बैठक में कमाल दीन, मोहम्मद हनीफ, मोहम्मद हाजी बुंदू अली, नियाज मोहम्मद, अब्बास अली, चांद मोहम्मद, छोटू अली सहित नरेंद्र गौड़, सोमेश माली, रामानंद गहलोत तथा फकरुद्दीन आदि प्रबुद्धजन शामिल हुए। दोनों ही संप्रदायों के लोगों ने पुलिस व जिला प्रशासन के सहयोग से निर्जला एकादशी और मोहर्रम के मेलों को पूरी तरह शांतिपूर्वक, मिलजुल कर और परस्पर सहयोग के साथ मनाने का सामूहिक निर्णय लिया है।

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