— 2021 से केवल खोखले आश्वासन: भीनासर नोखा रोड पेट्रोल पंप के पीछे आबादी बढ़ने के बाद भी नहीं बदली 3 इंच की जर्जर पाइपलाइन; ऊंचे दामों पर टैंकर मंगवाने को मजबूर जनता।
— बजट पास पर धरातल शून्य: जल जीवन मिशन (JJM) और अमृत योजना-2.0 के तहत बीकानेर पूर्व के लिए करोड़ों के विधिक फंड स्वीकृत होने के बावजूद ठेकेदारों की सुस्ती से भीनासर प्यासा।
— दोहरी आर्थिक और मानसिक मार: नियमित पेयजल बिलों का भुगतान करने के बावजूद घरों के सूखे पड़े हैं कंठ; क्षेत्रवासियों ने मटका थामकर विभाग को दिया उग्र विधिक अल्टीमेटम।
बीकानेर, 15 जून (सोमवार)। बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भीनासर नोखा रोड इलाके में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच पेयजल किल्लत (पानी का संकट) को लेकर स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध आखिरकार सोमवार को टूट गया। भीनासर के वार्ड नंबर 7 (पेट्रोल पंप के पीछे का क्षेत्र) के सैकड़ों आक्रोशित पुरुषों और महिलाओं ने खाली बर्तनों और मटकों के साथ सड़कों पर उतरकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED/जलदाय विभाग) के खिलाफ जोरदार विधिक विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान सामने आया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा 'जल जीवन मिशन' (JJM) और अमृत योजना-2.0 (AMRUT 2.0) के तहत बीकानेर पूर्व और भीनासर क्षेत्र की पेयजल लाइनों को अपग्रेड करने के लिए करोड़ों रुपए के विधिक बजट और प्रशासनिक वित्तीय स्वीकृतियां (Financial Sanctions) जारी की जा चुकी हैं। इसके बावजूद जलदाय विभाग के अभियंताओं की विधिक शिथिलता और ठेकेदारों की घोर लापरवाही के चलते धरातल पर नई पाइपलाइन बिछाने का काम पूरी तरह ठप पड़ा है।
3 इंच की पुरानी पाइपलाइन और टंकी से दूरी बनी मुख्य विधिक अड़चन
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत कातेला ने मीडिया और विभाग के विधिक अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करवाते हुए बताया कि नोखा रोड, भीनासर पेट्रोल पंप के पीछे स्थित यह पूरी रिहायशी बस्ती पिछले कई वर्षों से गंभीर पेयजल किल्लत से जूझ रही है।
- प्रेशर की भयंकर समस्या: हेमंत कातेला ने बताया कि इस क्षेत्र की मुख्य पानी की टंकी (वॉटर रिजर्व टैंक) से दूरी बहुत अधिक है। इसके अलावा, सालों पहले जब यहां आबादी बेहद कम थी, तब विभाग द्वारा 3 इंच की छोटी पाइपलाइन डाली गई थी।
- सूखे पड़े हैं नल: वर्तमान में घरों की संख्या और आबादी में कई गुना बढ़ोतरी हो चुकी है, जिसके कारण टेल-एंड (आखिरी छोर) पर स्थित इस वार्ड के घरों तक पानी का विधिक प्रेशर रत्ती भर भी नहीं पहुंच पाता और नल महीनों से पूरी तरह सूखे पड़े हैं।
बिल भरने के बाद भी ₹1000 का टैंकर, मदन सियाग ने बताया दोहरा नुकसान
प्रदर्शन में शामिल वरिष्ठ नागरिक मदन सियाग ने जलदाय विभाग की तानाशाही और लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा विधिक ऐतराज जताते हुए कहा कि वार्ड के सभी उपभोक्ता हर महीने समय पर अपने पेजल बिलों का विधिक भुगतान राजकोष में कर रहे हैं। इसके बावजूद, अपने बच्चों की प्यास बुझाने और दैनिक कार्यों के लिए उन्हें हर हफ्ते ₹800 से ₹1000 का निजी पानी का टैंकर डलवाना पड़ता है।
मदन सियाग ने कहा कि यह भीनासर की जनता के साथ सीधा विधिक और आर्थिक धोखा है। जब सरकार जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर जल' का विधिक दावा कर रही है, तब भीनासर की जनता को दोहरा खर्च वहन करना पड़ रहा है। इस दोहरे खर्च के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे मोहल्ले के लोगों में गहरा मानसिक तनाव और आक्रोश व्याप्त है।
2021 से लगातार दे रहे हैं प्रार्थना पत्र, अब आर-पार की जंग का विधिक ऐलान
वार्ड वासियों ने बताया कि वे वर्ष 2021 से लगातार जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) और सहायक अभियंता (AEN) को दर्जनों लिखित प्रार्थना पत्र और विधिक स्मारक पत्र सौंपकर इस समस्या के स्थाई समाधान की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन हर बार विधिक फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है और प्रदर्शन करने पर अधिकारियों द्वारा केवल खोखला आश्वासन देकर शांत करा दिया जाता है।
बस्ती के युवाओं और गणमान्य लोगों ने दो टूक विधिक अल्टीमेटम दिया है कि क्षेत्र में दिनों-दिन आबादी और घरों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए यहां तुरंत बड़ी साइज की नई पेयजल पाइपलाइन स्वीकृत की जाए। यदि प्रशासन ने समय रहते इस विधिक समस्या का कोई स्थाई तकनीकी समाधान नहीं निकाला और जेजेएम (JJM) के स्वीकृत फंड का सही इस्तेमाल नहीं किया, तो भीनासर की जनता कलेक्ट्रेट मार्ग को जाम कर उग्र और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को विधिक रूप से मजबूर होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान यश वर्धन नायक, कैलाश सुथार, मनोज, गणेश, सुरेंद्र, पप्पूराम, शेराराम, डूंगरराम, शंकर सहित वार्ड नंबर 7 के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति (महिलाएं) फिजिकल रूप से मौजूद रहीं।

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