— गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश मार्च: राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं ने निकाली विशाल रैली; जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम सौंपा विधिक ज्ञापन।
— 'सुरक्षा' पर तीखी सियासत: नेताओं ने कहा— "भैराणा धाम महापंचायत में सच बोलने पर दुर्भावनापूर्वक हटाए गए सांसद हनुमान बेनीवाल के 3 पीएसओ (PSO); युवा ही हमारी असली विधिक सुरक्षा।"
— सिंडिकेट और महाघोटाले पर प्रहार: पीबीएम प्रसूता कांड, नकली बीज नेटवर्क और ढाई करोड़ के बीज निगम विधिक रिश्वत कांड में शामिल बड़े चेहरों को बेनकाब करने की मांग।
बीकानेर, 15 जून (सोमवार)। बीकानेर संभाग और प्रदेश से जुड़े विभिन्न ज्वलंत जनहित के मुद्दों, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर एक विशाल और उग्र विधिक विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के आह्वान पर बीकानेर संभाग के सैकड़ों आरएलपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गांधी पार्क में एकत्रित होकर एक आक्रोश रैली निकाली। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद आरएलपी के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत विधिक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।
भैराणा धाम की टिप्पणी और सुरक्षा में कटौती: सरकार की विधिक घेराबंदी
प्रदर्शन के दौरान आरएलपी नेताओं ने हाल ही में पार्टी संयोजक हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा व्यवस्था में किए गए अचानक प्रशासनिक और विधिक बदलावों को लेकर सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए।
- जयपुर के 3 पीएसओ हटाए: गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व ही सरकार ने सांसद बेनीवाल की सुरक्षा में तैनात जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के तीन व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारियों (PSO) को विधिक ड्यूटी से हटा दिया था। अब उनकी सुरक्षा का जिम्मा केवल नागौर जिला पुलिस के पास है।
- राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप: आरएलपी नेताओं ने आरोप लगाया कि जयपुर के बिधून स्थित भैराणा धाम महापंचायत के दौरान हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ की गई कथित विधिक और राजनीतिक टिप्पणियों से बौखलाकर सरकार ने यह प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की है। नेताओं ने खुफिया एजेंसियों (IB) के पुराने थ्रेट अलर्ट का हवाला देते हुए तुरंत बेनीवाल की विधिक सुरक्षा को अपग्रेड करने की मांग की।
पीबीएम का 'प्रसूता कांड' और 'बीज निगम महाघोटाले' पर फूटा गुस्सा
कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर सभा को संबोधित करते हुए आरएलपी की कोर कमेटी ने बीकानेर संभाग के दो सबसे बड़े संवेदनशील मामलों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया:
- पीबीएम अस्पताल की महा-लापरवाही: प्रसूताओं की किडनी फेल होने और वेंटिलेटर पर भर्ती शारदा व प्रीति की आंखों की रोशनी चले जाने के विधिक मामले में अभी तक किसी भी दोषी डॉक्टर या दवा सप्लायर की गिरफ्तारी न होने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।
- बीज निगम का उगाही तंत्र: राजस्थान राज्य बीज निगम के पूर्व निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के 2.44 करोड़ रुपए के महाघोटाले और बीकानेर-हनुमानगढ़ के कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टरों की विधिक संलिप्तता की निष्पक्ष सीबीआई (CBI) या न्यायिक जांच करवाने की मांग उठाई गई।
इन बड़े नेताओं की रही मुख्य मौजूदगी, दी उग्र आंदोलन की विधिक चेतावनी
इस वृहद कलेक्ट्रेट कूच और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आरएलपी के वरिष्ठ नेता दानाराम घिंटाला, विजयपाल बेनीवाल और विवेक माचरा ने संयुक्त रूप से कहा कि बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा सहित पूरे ग्रामीण अंचल में किसानों को नकली बीज की आपूर्ति की जा रही है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं, लेकिन विधिक तंत्र मौन है।
नेताओं ने दो टूक विधिक चेतावनी दी है कि जनहित, किसान कल्याण और पार्टी संयोजक की सुरक्षा से जुड़े इन अति-महत्वपूर्ण विधिक बिंदुओं पर यदि सरकार ने 7 कार्यदिवसों (7 Days) के भीतर कोई सकारात्मक और विधिक कदम नहीं उठाया, तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी पूरे बीकानेर संभाग में चक्का जाम कर कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन उग्र महापड़ाव शुरू करेगी। इस दौरान रामनिवास जाट, भंवरलाल बिश्नोई, हनुमान गोदारा सहित हजारों की संख्या में आरएलपी कार्यकर्ता, किसान विंग के प्रतिनिधि और छात्रसंघ पदाधिकारी फिजिकल रूप से मौजूद रहे।


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