— राष्ट्र को बड़ी क्षति: रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह 10:00 बजे हुआ भीषण हादसा; स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार सहित 5 सैन्यकर्मी शहीद।
— आग का गोला बना विमान: रुटीन उड़ान के बाद उतरते समय रनवे के पास अनियंत्रित होकर पलटा मालवाहक विमान; को-पायलट गंभीर रूप से घायल, सेना अस्पताल में भर्ती।
— कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश: इंडियन एयरफोर्स ने आधिकारिक बयान जारी कर अफवाहों से बचने की अपील की; ब्लैक बॉक्स की विधिक खोज और तकनीकी कारणों की जांच शुरू।
गुवाहाटी/जोरहाट, 13 जून (शनिवार)। असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस से शनिवार सुबह एक बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर सामने आई है। भारतीय वायुसेना (IAF) का एक AN-32 मालवाहक (परिवहन) विमान सुबह लैंडिंग के प्रयास के दौरान रनवे के समीप अचानक दुर्घटनाग्रस्त (क्रैश) हो गया। इस भीषण सैन्य हादसे में विमान के मुख्य पायलट (स्क्वाड्रन लीडर) सहित 5 वायु सैनिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि विमान का एक को-पायलट गंभीर रूप से जख्मी हो गया है।
हादसा इतना वीभत्स था कि क्रैश होते ही विमान में आसमान छूती लपटों के साथ भीषण आग लग गई और वह दो हिस्सों में पूरी तरह टूट गया। एयरफोर्स कमांड ने हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of Inquiry) के विधिक आदेश जारी कर दिए हैं।
सुबह 10:00 बजे लैंडिंग गियर में आई खराबी? आग का गोला बनकर दो टुकड़ों में बंटा
वायुसेना के आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त प्राथमिक विधिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार सुबह ठीक 10:00 बजे उस समय हुआ जब विमान अपनी एक नियमित (रुटीन) ट्रेनिंग उड़ान पूरी करने के बाद रौरिया एयरबेस के मुख्य रनवे पर उतरने का प्रयास कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लैंडिंग के विधिक टचडाउन से महज कुछ मीटर पहले विमान का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।
विमान का अगला हिस्सा बहुत तेज गति और भारी दबाव के साथ जमीन से टकराया, जिसके चलते ए एन-32 के फ्यूल टैंक में भीषण विस्फोट हो गया। देखते ही देखते पूरा विमान आग के गोले में तब्दील हो गया और उसका मुख्य ढांचा बीच में से टूटकर दो हिस्सों में बिखर गया। एयरबेस की आपातकालीन फायर विंग और मेडिकल कोर ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और मलबे से जवानों को बाहर निकाला।
शहीद हुए जांबाजों की सूची: पायलट से लेकर अग्निवीरवायु शामिल
भारतीय वायुसेना ने इस दर्दनाक हादसे में देश सेवा के विधिक मार्ग पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने पांचों शूरवीरों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है, जो इस प्रकार हैं:
- स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह (मुख्य पायलट एवं मिशन कमांडर)
- फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार (सह-पायलट)
- सार्जेंट जितेंद्र शर्मा (फ्लाइट इंजीनियर/तकनीकी विंग)
- अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत (क्रू मेंबर)
- अग्निवीरवायु दानिश आलम (क्रू मेंबर)
हादसे में गंभीर रूप से झुलसे और घायल हुए एक अन्य को-पायलट को सैन्य एम्बुलेंस से तुरंत एयरबेस के ही मिलिट्री बेस हॉस्पिटल (सैन्य अस्पताल) के विधिक सघन चिकित्सा कक्ष (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम उनकी जान बचाने के विधिक प्रयास में जुटी है।
वायुसेना की आधिकारिक अपील: "शुरुआती नतीजे आने तक कयास न लगाएं"
भारतीय वायुसेना के मीडिया विंग ने सोशल मीडिया और प्रेस नोट के माध्यम से देशवासियों और मीडिया घरानों से एक विशेष विधिक अपील जारी की है। एयरफोर्स ने स्पष्ट किया है कि विमान पूरी तरह से एक रुटीन ऑपरेशनल उड़ान पर था।
सेना ने कहा है कि जब तक तकनीकी विंग और विमान के ब्लैक बॉक्स (Flight Data Recorder) की विधिक फॉरेंसिक फॉरवर्ड रिपोर्ट और शुरुआती नतीजे सामने नहीं आ जाते, तब तक हादसे की वजह (जैसे मौसम, मानवीय चूक या मैकेनिकल फेलियर) को लेकर सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का मनगढ़ंत अंदाजा या कयास न लगाया जाए। सैन्य प्रोटोकॉल के तहत जांच दल ने मलबे को अपने विधिक घेरे में ले लिया है।
साल 2026: जनवरी से जून तक वायुसेना के विमान हादसों का विधिक रिकॉर्ड
चालू वर्ष 2026 के पिछले छह महीनों के भीतर भारतीय वायुसेना के विमानों और लड़ाकू जेट्स से जुड़ी यह पांचवीं बड़ी विधिक दुर्घटना है, जिसने रक्षा विश्लेषकों की चिंता बढ़ा दी है:
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क्र.सं. |
दुर्घटना की तिथि |
विमान का प्रकार / स्थान |
हादसे का विधिक विवरण व परिणाम |
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1. |
21 जनवरी 2026 |
ट्रेनी एयरक्राफ्ट (उत्तर प्रदेश) |
नियमित उड़ान के दौरान क्रैश हुआ। दोनों पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हुए; कोई विधिक जनहानि नहीं हुई। |
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2. |
07 फरवरी 2026 |
HAL तेजस (रनवे टेक-ऑफ) |
टेक-ऑफ के समय लड़ाकू विमान रनवे से बाहर निकला। सॉफ्टवेयर ग्लिच (गड़बड़ी) कारण रहा; पायलट चोटिल हुआ पर सुरक्षित रहा। |
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3. |
05 मार्च 2026 |
Su-30MKI (कार्बी आंगलोंग, असम) |
ट्रेनिंग के दौरान सुखोई क्रैश हुआ। दोनों होनहार पायलटों की मौत हो गई थी, जिनमें से एक 'ऑपरेशन सिंदूर' के मुख्य हीरो थे। |
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4. |
17 अप्रैल 2026 |
लड़ाकू विमान (पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट) |
हार्ड लैंडिंग के कारण प्लेन का 'अंडरकैरेज' (निचला हिस्सा) बुरी तरह डैमेज हुआ। रनवे ब्लॉक होने से 11 घंटे विधिक परिचालन ठप रहा। |
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5. |
13 जून 2026 |
AN-32 मालवाहक (जोरहाट, असम) |
लैंडिंग के समय अनियंत्रित होकर क्रैश। पायलट समेत 5 सैन्यकर्मी शहीद; विमान दो हिस्सों में टूटा। |
इस ताजा और भीषण हादसे के बाद रक्षा मंत्रालय ने परिवहन और मालवाहक विमानों (AN-32 और डोर्नियर फ्लीट) के मेंटेनेंस लॉग और विधिक सेफ्टी मानकों की समीक्षा के लिए एक आपातकालीन आंतरिक विधिक समीक्षा बैठक बुलाई है।


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