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बीकानेर प्रसूता कांड में 4 दिन बाद थमा गतिरोध, प्रशासन व परिजनों में बनी सहमति; ₹25 लाख की तत्काल सहायता और संविदा नौकरी के आश्वासन पर आंदोलन समाप्त

India-1stNews



​— मजदूर परिवार को मिला बड़ा संबल: श्रीरामसर निवासी मृतका शारदा के पति राकेश नायक की सहमति के बाद मेडिकल बोर्ड से होगा पोस्टमार्टम; आज ही अंतिम संस्कार की संभावना।

₹75 लाख का वित्तीय पैकेज व नौकरी: जन सहयोग से ₹25 लाख तुरंत और राज्य सरकार को ₹50 लाख का भेजा जाएगा प्रस्ताव; परिवार के एक सदस्य को मिलेगी संविदा नौकरी।

लापरवाही मिलने पर दर्ज होगी एफआईआर: परिजनों के परिवाद पर पुलिस करेगी इलाज में कोताही की जांच; दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों व कार्मिकों पर गिरेगी गाज।

बीकानेर, 24 जून (बुधवार)। बीकानेर के संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में प्रसव के दौरान दम तोड़ने वाली प्रसूता शारदा नायक की मौत को लेकर पिछले चार दिनों से चला आ रहा तीखा गतिरोध और राजनीतिक आंदोलन बुधवार को आखिरकार समाप्त हो गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं व शोकाकुल परिजनों के बीच लंबी चली मैराथन वार्ता के बाद विभिन्न मांगों पर आपसी समझौता हो गया है।

​प्रशासन द्वारा आर्थिक सहायता, संविदा नौकरी और डॉक्टरों की लापरवाही की निष्पक्ष जांच के पुख्ता आश्वासन के बाद परिजनों ने आंदोलन वापस ले लिया है। हालांकि, इस समझौते को लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक लिखित दस्तावेज या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है।

एसडीएम राजेश नायक के साथ वार्ता में तय हुआ बड़ा राहत पैकेज

​देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने समझौते की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) राजेश नायक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता में पीड़ित परिवार के लिए एक बड़े राहत पैकेज पर मौखिक सहमति बनी है:

  • तत्काल वित्तीय सहायता: पीड़ित मजदूर परिवार की गंभीर आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने जन सहयोग (भामाशाहों व सामाजिक फंड) के माध्यम से ₹25 लाख रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
  • सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव: इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष या अन्य सरकारी मदों से ₹50 लाख रुपए की विशेष आर्थिक सहायता स्वीकृत करवाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार (जयपुर) को एक मजबूत प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
  • संविदा पर नौकरी: परिवार को दीर्घकालिक संबल देने के उद्देश्य से मृतका के आश्रितों में से एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकारी विभाग या उपक्रम में संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया है।

लापरवाही साबित होने पर डॉक्टरों पर दर्ज होगा मुकदमा

​समझौते के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु के अनुसार, प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा केंद्र में हुई कथित चिकित्सा लापरवाही को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। तय शर्त के मुताबिक, परिजनों की ओर से स्थानीय थाने में जो लिखित परिवाद (शिकायत) दिया जाएगा, उस पर पुलिस और चिकित्सा विशेषज्ञों की संयुक्त टीम निष्पक्षता से जांच करेगी।

​यदि इस उच्च स्तरीय जांच में पीबीएम अस्पताल के किसी भी सीनियर डॉक्टर, रेजिडेंट या नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी में लापरवाही या कोताही प्रमाणित होती है, तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ तुरंत नामजद आपराधिक मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पति राकेश की सहमति के बाद मेडिकल बोर्ड करेगा पोस्टमार्टम

​गौरतलब है कि बीकानेर के श्रीरामसर गांव की रहने वाली शारदा नायक की बीते 21 जून को मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर शव उठाने से मना कर दिया था। इस कारण पिछले चार दिनों से मृतका का पोस्टमार्टम अटका हुआ था और कल मोर्चरी के बाहर मृतका के पति ने आत्मघाती कदम उठाने का भी प्रयास किया था।

​बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और मांगों पर सहमति बनने के बाद मृतका के पति राकेश नायक ने पोस्टमार्टम करवाने की लिखित विधिक सहमति दे दी है। इसके तुरंत बाद पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड (विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम) की निगरानी में पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है। दोपहर बाद पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी होने के तुरंत बाद शारदा का पार्थिव शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा, जिसके बाद बुधवार शाम को ही पैतृक गांव श्रीरामसर में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किए जाने की पूरी संभावना है। इस समझौते के बाद कलेक्ट्रेट और पीबीएम मोर्चरी के बाहर पिछले कई दिनों से जमा प्रदर्शनकारियों की भीड़ अब धीरे-धीरे छटने लगी है।

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