Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings
Advertisement
Advertisement

बीकानेर: महिला की शिकायत पर एसपी मृदुल कच्छावा का एक्शन; एएसआई को किया निलंबित

India-1stNews



​— वर्दी पर दाग पड़ते ही कड़ा एक्शन: पीड़ित महिला की गंभीर शिकायत पर पुलिस अधीक्षक ने दिखाई सख्त अनुशासन की नजीर।

— प्रारंभिक विभागीय जांच में दोषी: शिकायत के प्राथमिक इनपुट और तथ्यों को गंभीर पाए जाने पर एएसआई को तत्काल प्रभाव से किया सस्पेंड।

— नोखा थाने में हड़कंप: कार्रवाई से पुलिस महकमे में मची खलबली; विभागीय स्तर पर उच्चाधिकारियों द्वारा जांच की प्रक्रिया शुरू।

— एसपी का कड़ा संदेश: विभाग में अनुशासनहीनता, दुर्व्यवहार अथवा पद का दुरुपयोग किसी भी स्तर पर नहीं किया जाएगा बर्दाश्त।

​बीकानेर/नोखा, 4 जुलाई (शनिवार)। बीकानेर जिला पुलिस महकमे से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक और अनुशासनात्मक खबर सामने आ रही है। जिले के नोखा पुलिस थाने में कार्यरत एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के खिलाफ एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा ने कड़ा रुख अपनाया है। एसपी कच्छावा ने त्वरित प्रभाव से कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई मानवेंद्र सिंह यादव को सरकारी सेवा से तत्काल निलंबित (Suspend) कर दिया है।

​प्रारंभिक जांच में शिकायत पाई गई सही, तत्काल हुआ एक्शन

​नोखा पुलिस वृत्त से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों एक पीड़ित महिला ने नोखा थाने में तैनात एएसआई मानवेंद्र सिंह यादव के खिलाफ दुर्व्यवहार, पद के दुरुपयोग और अन्य संगीन आरोपों को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी।

​मामले की संवेदनशीलता और महिला सुरक्षा से जुड़े होने के कारण एसपी मृदुल कच्छावा ने प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से विभागीय स्तर पर इसकी एक प्राथमिक जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक विभागीय जांच में एएसआई के खिलाफ महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और तथ्यों को प्रथम दृष्टया गंभीर और सत्य पाया गया, जिसके तुरंत बाद एसपी ने निलंबन के आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए।

​पुलिस बेड़े में अनुशासनहीनता पर ज़ीरो टॉलरेंस का संदेश

​बीकानेर पुलिस की इस त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई को महकमे के भीतर अनुशासनात्मक व्यवस्था और आमजन (विशेषकर महिलाओं) की शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता के एक बड़े उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

​निलंबन आदेश जारी करने के साथ ही पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने जिला पुलिस के सभी रैंक के अधिकारियों और जवानों को स्पष्ट और दोटूक संदेश दिया है कि आम नागरिकों के साथ किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, दुर्व्यवहार, भ्रष्टाचार अथवा अपने राजकीय पद का दुरुपयोग किसी भी सूरत में और किसी भी स्तर पर कतई बर्दाश्त (Zero Tolerance) नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में भी किसी अन्य पुलिसकर्मी की ऐसी संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी इससे कड़े दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल निलंबित एएसआई का मुख्यालय बीकानेर लाइन तय कर विभागीय जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

Post a Comment

0 Comments

📰 India First News — विज्ञापन एवं न्यूज़ देने के लिए संपर्क करें: 8562008562
Advertisement
Advertisement