— मच गई अफरा-तफरी: इंडस्ट्रियल एरिया की गली नंबर 10 स्थित 'शुभ ऊन उद्योग' फैक्ट्री में शनिवार को हुआ हादसा; आसमान में छाया धुएं का गुबार।
— पांच दमकलों ने संभाला मोर्चा: सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया पूर्ण नियंत्रण।
— रोहित अग्रवाल ने लीज पर ले रखी है फैक्ट्री: वूलन मिल में रखे करोड़ों/लाखों रुपये के ऊन के बोरे आग की भेंट चढ़े, मची भारी तबाही।
— बड़ी जनहानि टली: गनीमत रही कि हादसे के समय सभी मजदूर सुरक्षित बाहर निकल गए; कोटगेट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा।
बीकानेर, 4 जुलाई (शनिवार)। बीकानेर शहर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र रानी बाजार इंडस्ट्रियल एरिया से इस वक्त की एक बड़ी और डराने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ गली नंबर 10 में स्थित एक नामी वूलन (ऊन) फैक्ट्री में शनिवार दोपहर को अचानक भीषण आग लग गई। ऊन के अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया।
'शुभ ऊन उद्योग' में शार्ट सर्किट की आशंका, बोरों ने पकड़ी आग
कोटगेट थाना पुलिस और अग्निशमन केंद्र (फायर स्टेशन) से मिली जानकारी के अनुसार, आगजनी की यह घटना रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र की गली नंबर 10 स्थित 'शुभ ऊन उद्योग' नामक फैक्ट्री में घटित हुई। इस वूलन फैक्ट्री को वर्तमान में रोहित अग्रवाल ने लीज (किराए) पर ले रखा है और यहाँ बड़े पैमाने पर ऊन का स्टॉक व प्रोसेसिंग का काम होता है।
शनिवार को फैक्ट्री के भीतर अचानक गोदाम और परिसर में रखे ऊन के बोरों में आग की चिंगारी सुलग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और एक के बाद एक सैकड़ों बोरों को अपनी चपेट में ले लिया। फैक्ट्री से निकलने वाले काले और घने धुएं के गुबार को कई किलोमीटर दूर से साफ देखा जा सकता था, जिसे देखकर आस-पास के अन्य फैक्ट्री संचालक और मजदूर अपनी जान बचाने के लिए सड़कों पर आ गए।
दमकल की 5 गाड़ियों ने घेरा, घंटों की मशक्कत के बाद बुझी आग
फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय एसोसिएशन द्वारा घटना की तुरंत सूचना बीकानेर नगर निगम के अग्निशमन विभाग को दी गई। मामले की गंभीरता और घने औद्योगिक क्षेत्र को देखते हुए फायर स्टेशन से एक के बाद एक कुल 5 दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं।
ऊन के भीतर छुपी आग को बुझाने के लिए दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत की और पानी की भारी बौछारें मारकर करीब दो से तीन घंटे के भीतर आग को आगे बढ़ने से रोका और उस पर पूरी तरह से काबू पाया। हालांकि, तब तक फैक्ट्री में रखा भारी मात्रा में तैयार और कच्चा ऊन जलकर पूरी तरह राख हो चुका था।
मौके पर पहुंची कोटगेट पुलिस, आग के कारणों की जांच शुरू
हादसे के बाद सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि समय रहते फैक्ट्री के भीतर काम कर रहे सभी श्रमिकों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे इस भीषण अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही कोटगेट थाना पुलिस की टीम भी मय जाब्ते तुरंत मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था संभालते हुए भीड़ को फैक्ट्रियों से दूर किया। पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के वास्तविक और सटीक कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रथम दृष्टया इसे बिजली के शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और फैक्ट्री प्रबंधन नुकसान के आकलन और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच में जुटे हैं।

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