— गंगाशहर पुलिस पर सवाल: 2 जून को भीनासर में बबलू पर हुआ था चाकू से जानलेवा हमला; नामजद आरोपियों की अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी।
— मुकदमा उठाने का दबाव: पीड़ित मघाराम का संगीन आरोप— आरोपी शिव कुमार खुड़िया, अशोक जनागल और राम निवास चौधरी लगातार दे रहे हैं जान से मारने की धमकी।
— खौफ के साए में परिवार: आरोपियों पर पूर्व से दर्ज हैं हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले; बेखौफ घूम रहे बदमाश।
— एसपी को सौंपा ज्ञापन: पुलिस अधीक्षक से की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को पुलिस प्रोटेक्शन (सुरक्षा) मुहैया कराने की पुरजोर मांग।
बीकानेर/गंगाशहर, 20 जुलाई (सोमवार)। बीकानेर जिले के गंगाशहर थाना इलाके के भीनासर में एक युवक पर हुए जानलेवा चाकू हमले के मामले में घटना के करीब डेढ़ महीना (45 दिन) बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली और आरोपियों की लगातार धमकियों से परेशान होकर पीड़ित परिवार आज सोमवार को बीकानेर जिला पुलिस मुख्यालय पहुंचा। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा से मुलाकात कर उन्हें एक लिखित ज्ञापन सौंपा और न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों की तुरंत धरपकड़ और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।
2 जून को भीनासर में बबलू पर हुआ था चाकू से जानलेवा हमला
पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित पिता मघाराम ने घटना के दर्दनाक वाकये का उल्लेख करते हुए बताया कि बीती 2 जून 2026 को भीनासर क्षेत्र में उनके पुत्र बबूल पर कुछ बदमाशों ने जानलेवा नीयत से ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया था। इस हमले में बबलू के शरीर पर गहरे घाव लगे थे और वह गंभीर रूप से लहूलुहान होकर लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहा।
इस वारदात के तुरंत बाद पीड़ित पक्ष की ओर से गंगाशहर थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। एफआईआर में मुख्य रूप से शिव कुमार खुड़िया, अशोक जनागल और राम निवास चौधरी को नामजद आरोपी बनाया गया था। लेकिन पीड़ित का आरोप है कि घटना के करीब डेढ़ माह बाद भी गंगाशहर थाना पुलिस मुख्य आरोपियों को हाथ तक नहीं लगा सकी है।
मुकदमा वापस लेने का दबाव, लगातार मिल रही हैं जान से मारने की धमकियां
मघाराम ने एसपी मृदुल कच्छावा को बताया कि पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण नामजद आरोपियों और उनके परिजनों के हौसले सातवें आसमान पर पहुंच चुके हैं। वे सरेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार पर गंगाशहर थाने में दर्ज कराया गया मुकदमा तुरंत वापस लेने का लगातार मानसिक और सामाजिक दबाव बना रहे हैं।
आरोप है कि बदमाश और उनके गुर्गे पीड़ित परिवार को केस न उठाने पर जान से मारने की सीधे शब्दों में धमकियां दे रहे हैं। घर के आस-पास संदिग्धों के मंडराने और लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा पीड़ित परिवार हर समय एक गहरे खौफ और भय के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है। परिवार का घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है।
आरोपियों का है पुराना आपराधिक रिकॉर्ड; पुलिस की कार्यप्रणाली पर खड़े हुए सवाल
ज्ञापन में पीड़ित परिवार ने हैरान करने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जिन तीन मुख्य आरोपियों (शिव कुमार, अशोक व राम निवास) के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, वे साधारण प्रवृत्ति के लोग नहीं हैं। उनके खिलाफ बीकानेर के विभिन्न थानों में पूर्व से ही हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) और सरेराह मारपीट व रंगदारी जैसे कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इलाके के नामी और आदतन अपराधी होने के बावजूद गंगाशहर पुलिस द्वारा उन्हें अब तक गिरफ्तार न करना, पुलिस की कार्यप्रणाली, जांच अधिकारी की नीयत और स्थानीय गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करता है।
तत्काल गिरफ्तारी और पुलिस सुरक्षा की गुहार
पीड़ित मघाराम और उनके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा से बेहद भावुक और पुरजोर मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को कड़े निर्देश दिए जाएं। उन्होंने मांग की है कि:
- जानलेवा हमले के फरार चल रहे तीनों मुख्य आरोपियों को विशेष टीम (DST) गठित कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
- पीड़ित परिवार के सदस्यों की जान-माल की रक्षा के लिए तुरंत पुलिस सुरक्षा (Security) उपलब्ध कराई जाए, ताकि भविष्य में आरोपियों द्वारा किसी भी संभावित अप्रिय घटना या हमले की आशंका को समय रहते टाला जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मृदुल कच्छावा ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाया है। उन्होंने गंगाशहर थानाधिकारी को मामले की केस डायरी के साथ तलब करने और आरोपियों की तलाश में दबिश देने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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