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गंगाशहर: रेलवे ट्रैक पर मिली लाश का मामला निकला हत्या, शव फेंककर आत्महत्या का रूप देने का आरोप, 9 लोगों पर केस दर्ज

India-1stNews



​— बड़ा मोड़: पुलिस ने जिसे पहले सुसाइड मानकर मर्ग दर्ज की थी, उसमें अब कोर्ट इस्तगासे के जरिए 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मर्डर का केस।

ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप: बंबलू निवासी भागीरथ की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकने का आरोप; 15 लाख रुपये और नाता प्रथा का विवाद।

अंतिम लोकेशन सुरपुरा: 21 जून की रात तोलाराम को किए फोन से खुला राज, ससुराल में थी आखिरी लोकेशन।

थानाधिकारी परमेश्वर सुथार को कमान: गंगाशहर पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर हर पहलू पर शुरू की गहन जांच।

बीकानेर/गंगाशहर, 19 जुलाई (रविवार)। बीकानेर के गंगाशहर थाना इलाके के उदयरामसर रेलवे लाइन पर बीते महीने मिले एक व्यक्ति के शव के मामले में अब एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। बीकानेर पुलिस ने जिस मामले को शुरुआती तौर पर ट्रेन के आगे कूदकर की गई आत्महत्या (Suicide) माना था और मर्ग दर्ज की थी, अब उसमें मृतक के परिजनों की ओर से न्यायालय की शरण लेने के बाद कोर्ट के आदेश (इस्तगासा) पर हत्या (Murder) का सनसनीखेज मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हत्या करने के बाद मामले को सुसाइड का रूप देने के लिए शव को 50 किलोमीटर दूर ले जाकर पटरियों पर फेंक दिया था।

ससुराल पक्ष के 9 लोग नामजद, 15 लाख और नाते का विवाद

​गंगाशहर थाना पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मुकदमा बंबलू निवासी जोराराम ने कोर्ट इस्तगासे के जरिए दर्ज कराया है। रिपोर्ट में मृतक भागीरथ के ससुराल पक्ष सहित कुल 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में शामिल हैं:

  1. ​जगदीश प्रसाद पुत्र मेसाराम जाट (निवासी— सुरपुरा)
  2. ​तुलछा पत्नी जगदीश प्रसाद (निवासी— सुरपुरा)
  3. ​महेंद्र पुत्र जगदीश प्रसाद (निवासी— सुरपुरा)
  4. ​बाली पुत्री जगदीश प्रसाद (निवासी— सुरपुरा)
  5. ​मुनीराम पुत्र रामेश्वर लाल (निवासी— सिंजगुरु)
  6. ​लिछमा पत्नी हरूराम (निवासी— सिंजगुरु)
  7. ​हरूराम पुत्र फुसाराम (निवासी— सिंजगुरु)
  8. ​मुल्तानाराम पुत्र रेवंतराम (निवासी— स्वरूपदेसर)
  9. ​राहू राम उर्फ राहुड़ो पुत्र मुल्तानाराम (निवासी— स्वरूपदेसर)

​दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, पूरा विवाद महेंद्र के साथ अनिता का नाता (रिश्ता) नहीं कराने और 15 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम नहीं देने से जुड़ा हुआ है। इसी रंजिश और मांग को लेकर सभी आरोपियों पर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने का आरोप है।

आखिरी फोन कॉल और सुरपुरा गांव की लोकेशन से गहराया शक

​परिजनों द्वारा कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 21 जून 2026 की रात को करीब 09:30 बजे मृतक भागीरथ ने सेरूणा निवासी तोलाराम पुत्र खेताराम को फोन किया था। भागीरथ ने तोलाराम से कहा था कि— "मैं अभी सुरपुरा गांव (ससुराल) में हूं, आप मेरे पैतृक गांव में मेरे घर पर सूचना भिजवा देना कि मैं कल सुबह तक घर पहुंच जाऊंगा।"

​इस फोन कॉल और तकनीकी जांच (Technical Evidence) से यह पूरी तरह साफ हो गया कि 21 जून की रात को भागीरथ की अंतिम मोबाइल लोकेशन उसके ससुराल सुरपुरा गांव में ही आ रही थी। आरोप है कि इसी दौरान ससुराल में सभी आरोपियों ने मिलकर पहले भागीरथ को अत्यधिक शराब पिलाई और जब वह बेसुध हो गया, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर उसकी हत्या कर दी।

साक्ष्य मिटाने के लिए 50 किलोमीटर दूर उदयरामसर ट्रैक पर फेंका शव

​एफआईआर में आरोपियों की क्रूरता और चालाकी का जिक्र करते हुए बताया गया है कि हत्या की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कानूनी कार्रवाई से बचने का रास्ता खोजने लगे। उन्होंने साक्ष्य (Evidence) छुपाने और मर्डर को सुसाइड का रूप देने के लिए एक बड़ी साजिश रची।

​आरोपी भागीरथ के शव को सुरपुरा गांव से करीब 50 किलोमीटर दूर गाड़ी में डालकर गंगाशहर थाना क्षेत्र के उदयरामसर रेलवे लाइन पर ले गए। वहां देर रात सुनसान स्थल देखकर शव को पटरियों के बीच में गिरा दिया गया, ताकि सुबह जब पुलिस को शव मिले तो वह इसे साधारण रेल दुर्घटना या आत्महत्या का मामला मानकर फाइल बंद कर दे।

गंगाशहर सीआई परमेश्वर सुथार खुद कर रहे हैं मामले की जांच

​घटना की गंभीरता और कोर्ट के कड़े रुख को देखते हुए गंगाशहर पुलिस ने हत्या सहित साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी कमान खुद गंगाशहर थानाधिकारी (SHO) परमेश्वर सुथार ने अपने हाथों में ली है।

​थानाधिकारी परमेश्वर सुथार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मृतक और संदिग्धों के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR), लोकेशन, 21 जून के रूट के सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम की पुरानी मेडिकल रिपोर्ट का दोबारा से गहन वैज्ञानिक पुनर्मूल्यांकन कर रही है। सुरपुरा से लेकर उदयरामसर तक के 50 किलोमीटर के दायरे में संदिग्ध वाहनों की आवाजाही को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू की निष्पक्ष जांच कर जल्द ही सच सामने लाया जाएगा।

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