— तहसीलदार ने पकड़ा फर्जीवाड़ा: खाजूवाला उप रजिस्ट्रार कार्यालय में 27 जुलाई को चक 6 BGM की जमीन के दो बैनामे रजिस्ट्री के लिए हुए थे पेश।
— वारिसों की आपत्ति से खुला राज: असली जमीन मालिक दानाराम पुत्र गिरधारीराम की पहले ही हो चुकी थी मौत; फर्जी व्यक्ति पेश कर बनाए गए थे फर्जी आधार व पैन कार्ड।
— सरदारशहर का निकला फर्जी दानाराम: आरोपी दानाराम पुत्र भींवाराम (निवासी— सोनपालसर, सरदारशहर) को राऊराम और अन्नाराम लाए थे तहसील।
— 4 आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज: पुलिस ने दानाराम, राऊराम, अन्नाराम और वेदप्रकाश के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं में दर्ज किया मामला; SI कोहरसिंह कर रहे हैं जांच।
बीकानेर, 29 जुलाई (बुधवार)। बीकानेर जिले के खाजूवाला उप रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीन फर्जीवाड़े का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिस जमीन मालिक की काफी समय पहले मौत हो चुकी थी, भू-माफिया उसी मृत व्यक्ति के नाम से एक फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री (बैनामा) कराने तहसील पहुंच गए। खाजूवाला तहसीलदार की सतर्कता और असली वारिसों की आपत्ति के बाद इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है।
चक 6 BGM की जमीन के दो बैनामे किए गए थे पेश
खाजूवाला तहसीलदार हरीश कुमार टाक ने जानकारी देते हुए बताया कि गत 27 जुलाई को तहसील कार्यालय में चक 6 BGM स्थित कृषि भूमि के दो बैनामे रजिस्ट्री के लिए पेश किए गए थे। इन दस्तावेजों में दानाराम पुत्र गिरधारीराम को विक्रेता (Seller) और वेदप्रकाश पुत्र सूजाराम को खरीदार (Buyer) दर्शाया गया था।
रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान ही वास्तविक जमीन मालिक दानाराम के असली वारिसों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर लिखित में आपत्ति दर्ज कराई।
जांच में खुले फर्जी आधार व पैन कार्ड के राज
वारिसों ने तहसीलदार के समक्ष खुलासा किया कि तहसील में मौजूद व्यक्ति उनके पिता दानाराम नहीं हैं, क्योंकि असली दानाराम की तो पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है। आपत्ति दर्ज होते ही तहसीलदार हरीश कुमार टाक को मामले पर गहरा संदेह हुआ और उन्होंने दस्तावेजों की गहनता से जांच की।
पड़ताल में सामने आया कि रजिस्ट्री के लिए पेश किए गए विक्रेता के आधार कार्ड और पैन कार्ड पूरी तरह फर्जी तैयार किए गए थे।
सरदारशहर से लाया गया था फर्जी 'दानाराम'
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई कड़ाई से पूछताछ में रजिस्ट्री कराने आए व्यक्ति ने सच उगल दिया। उसने स्वीकार किया कि वह असली जमीन मालिक दानाराम पुत्र गिरधारीराम नहीं है, बल्कि उसका नाम दानाराम पुत्र भींवाराम (निवासी— सोनपालसर, सरदारशहर) है।
उसने बताया कि उसे राऊराम पुत्र सूजाराम और अन्नाराम पुत्र मांगीलाल पैसे का लालच देकर खाजूवाला तहसील कार्यालय लेकर आए थे। उसके नाम पर कोई जमीन नहीं है।
4 आरोपियों पर केस दर्ज, SI कोहरसिंह को सौंपी जांच
तहसीलदार द्वारा मामला उजागर करने के बाद 27 जुलाई की रात करीब 9 बजे खाजूवाला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए षड्यंत्रकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
पुलिस ने मामले में दानाराम (पुत्र भींवाराम), राऊराम, अन्नाराम और खरीदार वेदप्रकाश के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने (BNS धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की अग्रिम जांच उप-निरीक्षक (SI) कोहरसिंह को सौंपी गई है।

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