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लोकसभा में भारी हंगामे के बीच 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' ध्वनिमत से पास; राहुल गांधी के बयान पर सदन में तीखी नोकझोंक

India-1stNews



​— एंटी-पेपर लीक कानून हुआ और सख्त: वर्ष 2024 के मूल कानून में संशोधन कर परीक्षा में धांधली और पेपर लीक करने वाले सिंडिकेट्स पर कसा शिकंजा।

विपक्ष का भारी हंगामा व नोकझोंक: चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणियों और गृह मंत्री अमित शाह के साथ तीखी बहस के बीच विधेयक पारित।

5 से 10 साल की जेल और ₹50 लाख का जुर्माना: साधारण मामलों में सख्त सजा; संगठित पेपर लीक माफिया पर ₹10 करोड़ तक का पेनल्टी प्रावधान।

कंपनियों पर ₹5 करोड़ का जुर्माना व 8 साल का बैन: पेपर लीक में संलिप्त निजी परीक्षा एजेंसियों व प्रिंटिंग प्रेस पर सख्त कार्रवाई का नियम।

नई दिल्ली, 29 जुलाई (बुधवार)। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में भारी राजनीतिक गहमागहमी और हंगामे के बीच 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' (Public Examinations Amendment Bill, 2026) को ध्वनिमत (Voice Vote) से पारित कर दिया गया। सरकार ने इसे देश के करोड़ों परीक्षार्थियों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने तथा सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।

​विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में उस वक्त तीखा मोड़ आ गया जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर तीखे आरोप लगाए, जिस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार नोकझोंक हुई।

सदन में क्यों हुआ हंगामा और तीखी बहस?

  1. राहुल गांधी के बयान पर विवाद: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चर्चा में भाग लेते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के मुद्दे उठाए और जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ा संदर्भ देते हुए गंभीर आरोप लगाए।
  2. गृह मंत्री और सत्तापक्ष का पलटवार: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं सत्तापक्ष के वरिष्ठ मंत्रियों ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार बताते हुए कड़ा एतराज जताया। इसके चलते सदन में काफी देर तक हंगामा और नारेबाजी होती रही।
  3. ध्वनिमत से बिल पास: हंगामे और गतिरोध के बावजूद सरकार ने सदन में चर्चा पूरी कराते हुए विधेयक को ध्वनिमत से पारित करा लिया।

संशोधन विधेयक 2026 में क्या-क्या मुख्य बदलाव हुए? (Key Amendments)

​सरकार ने वर्ष 2024 के मूल कानून को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई नए और कड़े प्रावधान जोड़े हैं:

  • सजा और जुर्माने में बढ़ोतरी: परीक्षा में अनुचित साधनों (Cheating/Paper Leak) में लिप्त पाए जाने पर सजा को 3 साल से बढ़ाकर 5 से 10 वर्ष तक की जेल और जुर्माना ₹50 लाख तक कर दिया गया है।
  • पेपर लीक सिंडिकेट (माफिया) पर कसता शिकंजा: संगठित गिरोह बनाकर पेपर लीक कराने वालों को न्यूनतम 7 से 10 वर्ष की कठोर कैद और ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ तक का जुर्माना भरना होगा।
  • सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों पर सख्त पेनल्टी: परीक्षा आयोजित कराने वाली निजी कंपनियों, कंप्यूटर सेंटरों या प्रिंटिंग प्रेस की लापरवाही या मिलीभगत पर जुर्माना ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है। साथ ही उन्हें 8 साल के लिए डिबार (ब्लैकलिस्ट) कर दिया जाएगा।
  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स और तय समयसीमा: मुकदमों के जल्द निस्तारण के लिए राज्यों में स्पेशल फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित होंगी, जहां 3 महीने में ट्रायल पूरा करना अनिवार्य होगा तथा पुलिस जांच 2 महीने के भीतर पूरी करनी होगी। 

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