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बीकानेर: लावारिस जिंदा कारतूस मिले; कारतूस फेंकने वाला आरोपी रमेश गिरफ्तार

India-1stNews



​— पुराने मामले में मिली सफलता: 30 जून 2026 को शेरेरा गांव से बरामद 1 जिंदा कारतूस (8 mm, KF) मामले में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी।

नापासर पुलिस का त्वरित एक्शन: अनुसंधान अधिकारी ने जांच के बाद कारतूस रखने व फेंकने वाले आरोपी को किया चिन्हित।

शेरेरा निवासी आरोपी गिरफ्तार: 20 वर्षीय रमेश (पुत्र लालचंद जाट) को आर्म्स एक्ट के तहत किया गया गिरफ्तार।

कारतूस के मुख्य स्रोत की तलाश: थानाधिकारी कविता पूनिया के निर्देश व एएसआई धर्मेंद्र कुमार मीणा के नेतृत्व में अग्रिम अनुसंधान जारी।

बीकानेर, 09 अगस्त। बीकानेर जिले में अवैध हथियारों और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नापासर थाना पुलिस ने करीब सवा महीने पुराने एक मामले का खुलासा करते हुए सफलता हासिल की है। पुलिस ने शेरेरा गांव में लावारिस हालत में जिंदा कारतूस फेंकने वाले आरोपी को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया है।

30 जून को लावारिस हालत में मिला था जिंदा कारतूस

​बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व वृत्ताधिकारी (गंगाशहर) हिमांशु शर्मा के सुपरविजन में नापासर थाना पुलिस द्वारा यह कार्रवाई की गई है।

​मामले के अनुसार, बीते 30 जून 2026 को गश्त के दौरान एएसआई जगदीश कुमार व टीम ने शेरेरा गांव में कानाराम खाती के मकान के पास से लावारिस हालत में 1 जिंदा कारतूस (8 mm, KF) बरामद किया था। बिना लाइसेंस अवैध कारतूस मिलने पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा (संख्या 131/2026) दर्ज कर जांच एएसआई धर्मेंद्र कुमार मीणा को सौंपी थी।

जांच अधिकारी ने आरोपी को किया चिन्हित, एएसआई धर्मेंद्र व टीम का एक्शन

​अनुसंधान अधिकारी एएसआई धर्मेंद्र कुमार मीणा ने मामले में तकनीकी साक्ष्यों और सूचना तंत्र की मदद से त्वरित कार्रवाई करते हुए कारतूस रखने व मौके पर फेंक कर भागने वाले आरोपी को चिन्हित कर लिया।

​पुलिस ने आरोपी रमेश (पुत्र लालचंद जाट, उम्र 20 वर्ष, निवासी— शेरेरा, थाना नापासर, बीकानेर) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह यह जिंदा कारतूस कहां से खरीदकर लाया था और इसका मुख्य स्रोत कौन है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी कविता पूनिया, एएसआई मूलाराम, कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार, चुन्नीलाल तथा विशेष भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल गोरखाराम शामिल रहे।

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