— 15 अगस्त से संचालन संभावित: पीएम ई-बस सेवा के तहत बीकानेर को मिलीं कुल 125 ई-बसें, पहले चरण में 75 बसें चलेंगी।
— बैट्री डिस्चार्ज होने पर विवाद: एमजीएसयू के पास तकनीकी खराबी के बाद ई-बस को ट्रैक्टर से खींचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
— किफायती और वातानुकूलित सफर: ₹20-30 में तय होगा शहर के एक से दूसरे छोर का सफर, सीसीटीवी और जीपीएस से लैस होंगी बसें।
— 8.50 करोड़ का ई-बस डिपो: महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के पास तैयार हो रहा डिपो, एक साथ 25 बसें होंगी चार्ज।
बीकानेर, 09 अगस्त: शहरवासियों के लिए आधुनिक और प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बीकानेर में 15 अगस्त के आसपास ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के प्रयासों से बीकानेर को स्वीकृत कुल 125 ई-बसों में से पहले चरण में 75 हाईटेक बसों का संचालन प्रस्तावित है। इसी बीच महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) के पास एक ई-बस की बैट्री डिस्चार्ज होने और तकनीकी खराबी के कारण रास्ते में खड़े होने का मामला सामने आया है। इसके बाद खराब हुई ई-बस को ट्रैक्टर से बांधकर खींचते हुए ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
8.50 करोड़ की लागत से बन रहा डिपो, ₹20-30 में मिलेगा सुलभ सफर
ई-बसों के सुगम संचालन के लिए महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के पास करीब 8.50 करोड़ रुपये की लागत से डिपो तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक साथ 25 बसों को चार्ज करने की सुविधा होगी। वर्तमान में ऑटो से शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में करीब 200 रुपये खर्च होते हैं, जबकि ई-बस में यही सफर मात्र 20 से 30 रुपये में संभव होगा। ये सभी बसें पूरी तरह वातानुकूलित होंगी और सुरक्षा के लिए इनमें जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ऑटोमैटिक डोर, तापमान अलार्म सिस्टम तथा दिव्यांग यात्रियों के लिए लिफ्ट व व्हीलचेयर की सुविधा होगी। महिलाओं के लिए पिंक रंग से चिन्हित चार सीटें आरक्षित रहेंगी।
देशनोक, नाल व रायसर समेत पर्यटन स्थलों तक चलेंगी बसें
यह ई-बस सेवा न केवल बीकानेर शहर, बल्कि आसपास के ग्रामीण व उपनगरीय क्षेत्रों—देशनोक, नाल, गंगाशहर, रायसर और उदासर तक भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सस्ती और सुलभ परिवहन सुविधा मिलेगी। इसके अलावा बीकानेर आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए जूनागढ़ किला और लक्ष्मीनाथ मंदिर जैसे प्रमुख दर्शनीय स्थलों तक भी ई-बसों का रूट तय किया गया है।

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