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गंगाशहर: खाली भूखंडों पर कब्जे और जमीनों की दोबारा रजिस्ट्री कराने का आरोप; 6 नामजद सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

India-1stNews



​— इस्तगासे के जरिए कोर्ट से दर्ज हुआ केस: जेएनवीसी थाना क्षेत्र में खाली भूखंडों पर कब्जा करने व जमीनों को विवादित करने का गंभीर आरोप।

गंगाशहर निवासी महिला ने दी रिपोर्ट: पुरानी लाइन निवासी सरोज ओझा ने भू-माफियाओं और सहयोगियों पर दर्ज कराया प्रकरण।

6 नामजद सहित कई अन्य आरोपी: कुलदीप सिंह उर्फ हेमसिंह, रामेश्वर सिंह, अनिल पारीक, वीरेंद्र सिंह, चंदूनिलाल व बिरज्जू बावरी सहित परिवार के लोग नामजद।

एसआई मुकेश कुमार मीणा संभाल रहे जांच: पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर शुरू की जांच।

बीकानेर, 11 अगस्त। बीकानेर शहर के जयनारायण व्यास कॉलोनी (JNVC) थाना क्षेत्र में खाली पड़े भूखंडों पर अवैध रूप से कब्जा करने, जमीनों की फर्जी तरीके से दोबारा रजिस्ट्री कराने और जमीनों को जानबूझकर विवादित बनाने के आरोपों के तहत पुलिस ने कोर्ट के आदेश (इस्तगासे) पर मामला दर्ज किया है।

​पुलिस ने कुल छह नामजद आरोपियों सहित उनके परिजनों और अन्य सहयोगियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस्तगासे के जरिए जेएनवीसी थाने में दर्ज हुआ मामला

​जेएनवीसी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, परिवादिया सरोज ओझा (पत्नी रमेश ओझा, निवासी— पुरानी लाइन, गंगाशहर, बीकानेर) ने अदालत में इस्तगासा पेश किया था। अदालत के आदेश पर जेएनवीसी थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

ये लोग बनाए गए आरोपी, नागरिकों में फैला डर

​दर्ज रिपोर्ट में कुलदीप सिंह उर्फ हेमसिंह, रामेश्वर सिंह, अनिल पारीक, वीरेंद्र सिंह, चंदूनिलाल और बिरज्जू बावरी सहित बिरज्जू की पत्नी, बच्चों तथा 4-5 अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है।

​आरोप है कि यह गिरोह खाली पड़े भूखंडों को चिह्नित कर उन पर अवैध कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीनों की दोबारा रजिस्ट्री कराने और जमीनों को विवादित बनाने का काम कर रहा है। इस आपराधिक गतिविधि से आम नागरिकों, भूखंड स्वामियों और जमीन विक्रेताओं को भारी मानसिक व आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस जांच में सामने आएगा सच

​जेएनवीसी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान सब-इंस्पेक्टर (SI) मुकेश कुमार मीणा को सौंपा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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