— बड़ी कार्रवाई: बीकानेर में खुफिया एजेंसियों (MI, CID, CB) और कोटगेट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए करीब 65 लाख रुपए की कीमत का 650 ग्राम संदिग्ध एम्बरग्रीस (व्हेल की उल्टी) जब्त किया है।
— तीन तस्कर पकड़े गए: मामले में पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग हैं और एक बालिग आरोपी का नाम आर्यमन जावेद है। तीनों आरोपी महाराष्ट्र ओर यूपी के रहने वाले हैं और हैदर अली के कहने पर बीकानेर रेलवे स्टेशन पर इसकी सप्लाई करने आए थे।
— वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत प्रतिबंध: स्पर्म व्हेल एक संरक्षित वन्यजीव है, जिसके चलते एम्बरग्रीस का व्यापार, खरीद-फरोख्त और परिवहन पूरी तरह अवैध है; फिलहाल पुलिस वैज्ञानिक जांच और आरोपियों के संपर्कों को खंगालने में जुटी है।
बीकानेर: रेगिस्तानी और समुद्र से कोसों दूर बीकानेर जिले में अब समुद्री वन्यजीव उत्पादों की तस्करी से जुड़ा एक अनोखा और बड़ा मामला सामने आया है। कोटगेट थाना पुलिस और विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी कीमत के 'फ्लोटिंग गोल्ड' यानी एम्बरग्रीस के साथ तस्करों को दबोचने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से सुरक्षा एजेंसियों के बीच भी हड़कंप मच गया है।बीकानेर में एम्बरग्रीस (व्हेल की उल्टी) की यह अपने आप में एक अनूठी और बेहद दुर्लभ कार्रवाई है, क्योंकि बीकानेर जैसे रेगिस्तानी और समुद्र से कोसों दूर स्थित जिले में इस तरह के वन्यजीव उत्पाद की तस्करी का मामला अमूमन देखने को नहीं मिलता
कोतवाल और अधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर दी जानकारी
एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन, एएसपी सिटी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और कोटगेट थानाधिकारी विक्रम तिवारी के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मामले की विस्तृत जानकारी सीओ सिटी अनुज डाल ने प्रेसवार्ता के दौरान दी।
पुलिस के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर बीकानेर रेलवे स्टेशन पर यह दबिश दी गई। पकड़े गए तीनों आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र और यूपी के रहने वाले हैं। इनमें दो नाबालिग हैं, जिन्हें निरुद्ध किया गया है, जबकि एक बालिग आरोपी आर्यमन जावेद को डिटेन किया गया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग किसी 'हैदर अली' के कहने पर बीकानेर में इस प्रतिबंधित पदार्थ की सप्लाई करने पहुंचे थे।
परफ्यूम इंडस्ट्री में होता है इस्तेमाल, होती है करोड़ों की मांग
आम बोलचाल में एम्बरग्रीस को 'व्हेल की उल्टी' कहा जाता है, जिसका मुख्य संबंध स्पर्म व्हेल से होता है। इसका उपयोग महंगे ब्रांडेड परफ्यूम और इत्र में खुशबू को लंबे समय तक टिकाए रखने के लिए फिक्सर के रूप में किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग और कीमत बेहद अधिक होती है। हालांकि, पुलिस और जांच एजेंसियां कानूनी कार्रवाई से पहले बरामद पदार्थ की वैज्ञानिक जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं ताकि इसकी वास्तविक पुष्टि हो सके।
समुद्र से दूर बीकानेर तक कैसे पहुंचा माल?
चूंकि बीकानेर समुद्र तट से बहुत दूर स्थित है, इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध एम्बरग्रीस यहां कैसे और किन रास्तों से पहुंचा, यह जांच एजेंसियों के लिए मुख्य पहेली बना हुआ है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट्स और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना 'हैदर अली' तथा अन्य स्थानीय या अंतरराज्यीय खरीदार-सप्लायर की तलाश कर रही है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज इस मामले में वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद और भी कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

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