— दर्दनाक घटना: बीकानेर जिले के महाजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में प्रसव के दौरान 26 वर्षीय प्रसूता कोमल ओझा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।
— परिजनों के गंभीर आरोप: परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के बावजूद प्रसव करवाया गया, जिससे तबीयत बिगड़ने पर कोई संभालने वाला नहीं था; पूर्व में भी डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति को लेकर आंदोलन किया जा चुका है.
— प्रशासनिक एक्शन: घटना के बाद उपजे भारी आक्रोश और ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध तुरंत मौके पर पहुँचे और निष्पक्ष जांच तथा दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
बीकानेर जिले के पीबीएम अस्पताल के बाद अब महाजन कस्बे से स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. महाजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार दोपहर प्रसव के दौरान 26 वर्षीय प्रसूता कोमल ओझा की मौत हो गई. इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और परिजनों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा रोष व्याप्त है.
डॉक्टर की अनुपस्थिति और लापरवाही का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाजन वार्ड संख्या 2 निवासी गजानंद ओझा की 26 वर्षीय पुत्री कोमल ओझा को प्रसव के लिए सीएचसी लाया गया था. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस वक्त कोई भी योग्य डॉक्टर मौजूद नहीं था, और गैर-चिकित्सकीय या अनुपस्थित स्टाफ की लापरवाही के चलते यह प्रसव करवाया गया. जैसे ही प्रसूता की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में संभालने वाला कोई नहीं था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई.
छह महीने पहले भी हो चुका है डॉक्टरों की कमी को लेकर प्रदर्शन
ग्रामीणों और परिजनों ने आरोप लगाया कि महाजन सीएचसी में डॉक्टरों की भारी कमी और उनकी मनमानी का आलम यह है कि छह महीने पहले भी इस मुद्दे पर बड़ा धरना-प्रदर्शन किया गया था. उस आंदोलन के बाद यहां दो डॉक्टरों की नियुक्ति तो कर दी गई थी, लेकिन वे कभी नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते. आरोप है कि डॉक्टर नदारद रहने के बावजूद उपस्थिति रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर दर्ज कर लिए जाते हैं. परिजनों का कहना है कि यदि समय पर डॉक्टर और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल जातीं, तो कोमल की जान बचाई जा सकती थी.
CMHO डॉ. पुखराज साध मौके पर पहुंचे, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया. स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध तत्काल महाजन सीएचसी पहुँचे.
डॉ. पुखराज साध ने परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश करते हुए आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी. प्रसव के दौरान ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ, इलाज की पूरी प्रक्रिया और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के मामलों की गहराई से पड़ताल की जा रही है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में कोई भी चिकित्सक या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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