— बड़ी कार्रवाई: दीपोत्सव के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा बीकानेर जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत भारी मात्रा में दूषित एवं अमानक खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया गया है।
— नष्ट की गई सामग्री: अभियान के दौरान लगभग 400 किलो फफूंद लगा मावा, 309 किलो खराब ड्राई फ्रूट (बादाम, पिस्ता, अखरोट), 90 किलो गुलाब जामुन और 735 किलो अवधिपार कालानमक जनहित में मौके पर नष्ट किए गए।
— भारी मात्रा में सामान सीज: केंद्रीय टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई में 28 हजार किलोग्राम दूषित मैदा सहित सूजी, आटा, घी, तेल और मैदा पापड़ सीज किए गए हैं, तथा जांच के लिए 100 से अधिक नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
बीकानेर, 2 नवंबर: दीपावली के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण अविचल चतुर्वेदी के निर्देशों के क्रम में, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध के मार्गदर्शन में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न टीमों द्वारा ताबड़तोड़ निरीक्षण किए जा रहे हैं।
फफूंद लगा मावा और सड़े-गले ड्राई फ्रूट्स मौके पर नष्ट
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने जानकारी देते हुए बताया कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए दूध, मावा, मिठाइयां, घी, तेल, मसाले और ड्राई फ्रूट्स के सैंपल प्राथमिकता से लिए जा रहे हैं।
इस विशेष अभियान के तहत अब तक 400 किलोग्राम फफूंद लगा हुआ दूषित मावा, 309 किलोग्राम दागी, बदबूदार व खराब बादाम, पिस्ता व अखरोट तथा 90 किलोग्राम गुलाब जामुन को मानव उपभोग के अयोग्य पाते हुए मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया है। इसके साथ ही 735 किलोग्राम अवधिपार (expried) कालानमक भी नष्ट किया गया है।
28 हजार किलो दूषित मैदा और भारी मात्रा में तेल-घी सीज
जांच रिपोर्ट आने तक संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विभाग ने बड़े पैमाने पर माल सीज किया है।
- जयपुर से आई केंद्रीय टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई में लगभग 28 हजार किलोग्राम दूषित मैदा सीज किया गया है।
- इसके अलावा 1250 किलो सूजी, 3950 किलो आटा, 750 लीटर धनश्री तेल, 2319 लीटर विभिन्न ब्रांड का घी और लगभग 22 हजार किलोग्राम तेल जांच रिपोर्ट आने तक सीज किया गया है।
- कार्रवाई के दौरान 2750 किलोग्राम अवधिपार मैदा पापड़ भी नष्ट करवाए गए हैं।
100 से अधिक नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब तक 100 से अधिक नमूने लेकर राजकीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे मिलावटी या फफूंद लगा मावा न तो भंडारित करें और न ही बेचें। मावे को अखबार में रखना भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
साथ ही, पनीर, मावा और दूध जैसी जल्दी खराब होने वाली चीजों का परिवहन निर्धारित कोल्ड चेन के तहत करने तथा कचौरी-समोसे अखबार या रंगीन कागजों में न परोसने के निर्देश दिए गए हैं। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानू प्रताप सिंह, सुरेन्द्र कुमार, राकेश कुमार गोदारा, निशान्त चारण, सोना रानी, ममता सोनगरा, इंद्र प्रकाश ढाका और महावीर मेघवाल शामिल हैं।

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