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स्वर्ण व्यवसाई के साथ मारपीट करने के आरोपी विनोद गिरी पुलिस जांच में पाया गया दोषी

India-1stNews






बीकानेर।श्री डूंगरगढ के चर्चित मामले में डूंगरगढ़ पुलिस द्वारा पार्षद विनोद गिरी के खिलाफ न्यायालय में आज चालान प्रस्तुत किया गया। जहां विनोद गिरी ने न्यायालय में अपनी जमानत याचिका दायर की जिस पर अपराध की प्रकृति और परिस्थिति को देखते हुए न्यायालय द्वारा आरोपी विनोद गिरी को जमानत पर रिहा किया। गौरतलब है कि दिनांक 4 अप्रैल 2023 को डूंगरगढ़ कस्बे के व्यवसाई सीताराम सोनी द्वारा आरोपी विनोद गिरी के खिलाफ एक प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस थाना श्री डूंगरगढ़ में दर्ज करवाई गई थी कि प्रार्थी का खेत जैसलसर गांव जाने के मार्ग पर स्थित है। 



दिनांक 08.04.2023 को सांय के 06.50पीएम पर प्रार्थी अपने खेत के आगे खडा था व प्रार्थी के साथ कानाराम बाह्रम्ण निवासी जैतासर भी था। उस समय प्रार्थी के खेत के आगे खडे विनोद कुमार पुत्र नानुगर व विनोद कुमार का लडका भरत दोनो एक स्कॉपियो गाडी मे बेढकर आये, विनोदगिरी गाडी मे से एक कुल्हाडी लेकर नीचे उतरा व प्रार्थी को मां बहिन की गन्दी गन्दी गालिया निकालने लगा प्रार्थी ने गाली बिकालने से मना किया तो प्रार्थी के साथ थाप मुक्को से मारपीट करने लगा प्रार्थी के कंट पकड़ लिये व विनोदगिरी व उसका लडका दोनो मारपीट करने लगे, विनोद गिरी ने प्रार्थी को मारने के लिए कुल्हाडी से बार किया तो मोका पर कानाराम ब्राहम्ण ने बिच बचाव कर कुल्हाडी को पकड़ा वरना जान से मार डालता। फिर बिनोद गिरी व उसका लडका दोनो स्कॉपियो गाडी में बैठकर भाग गए। जिसमें पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ के तत्कालीन जांच अधिकारी द्वारा विनोद गिरी के विरुद्ध जुर्म प्रमाणित माना गया तब विनोद गिरी के प्रार्थना पत्र पर उक्त प्रकरण का अनुसंधान पुलिस अधीक्षक बीकानेर  के आदेश से बदला जाकर पुलिस उप अधीक्षक वृत्त नगर बीकानेर  द्वारा किया गया। जिस पर दोनों ही अनुसंधान अधिकारियों द्वारा विनोद गिरी पर मारपीट करने के आरोप प्रमाणित मानकर आज नतीजा न्यायालय में पेश किया गया।

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