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ब्रेकिंग न्यूज़: बीकानेर कलेक्ट्रेट परिसर में भीषण हंगामा, पुलिस के लाठीचार्ज के बाद पथराव; दोनों ओर से लोग घायल

India-1stNews



​बीकानेर में निजी आयुष्मान हार्ट हॉस्पिटल के ख़िलाफ़ 28 दिनों से जारी राजनीतिक प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया। कलेक्ट्रेट पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच गंभीर झड़प हुई, जिसमें पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब मामले की जाँच कर रहे मेडिकल बोर्ड ने डॉक्टर पर लगे इलाज में लापरवाही के मुख्य आरोप से प्रथम दृष्टया क्लीन चिट दे दी है।

हिंसा और सियासी ड्रामा

​मंगलवार को PCC सचिव रामनिवास कूकना, पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल, महेंद्र गहलोत, हरिराम गोदारा और किशन गोदारा सहित कई नेताओं की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुँचे। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन दबाव में काम कर रहा है और अस्पताल में 'गोरखधंधा' चल रहा है।

​हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। मौके पर ADM सिटी रमेश देव और ADSP सौरभ तिवारी सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात करना पड़ा।

विवाद की जड़: मानहानि के गंभीर आरोप

​इस पूरे संघर्ष की शुरुआत 25 अगस्त को हुई थी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, रामनिवास कूकना व अन्य लोगों ने बिना अनुमति अस्पताल परिसर में घुसकर डॉ. स्वामी पर मरीज रामेश्वर लाल की मृत्यु गलत इलाज और पेसमेकर लगाने से होने का आरोप लगाया।

​इसके बाद, इन नेताओं ने सार्वजनिक रूप से डॉ. स्वामी के ख़िलाफ़ अति-आपत्तिजनक बयान दिए, जैसे— “डॉ. स्वामी ने सैकड़ों लोगों को मार दिया” और उन्हें “बी.एल. स्वामी नरभक्षी है” तक कहा गया। ये अपमानजनक बयान ही 28 दिनों तक चले प्रदर्शन का मुख्य आधार बने।

मेडिकल बोर्ड से डॉ. स्वामी को क्लीन चिट, FIR दर्ज

​हिंसा और राजनीतिक आरोपों के बीच, अब इस विवाद में एक बड़ा आधिकारिक अपडेट आया है:

  • क्लीन चिट: मेडिकल बोर्ड ने अपनी जाँच रिपोर्ट में डॉ. स्वामी को इलाज में लापरवाही के आरोपों से प्रथम दृष्टया क्लीन चिट दे दी है।
  • पुलिस जाँच: वहीं दूसरी ओर, पुलिस ने इस पूरे मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस अब दोहरी जाँच करेगी— डॉक्टर पर लगे मूल लापरवाही के आरोपों की सत्यता और साथ ही नेताओं पर अस्पताल में जबरन प्रवेश तथा मानहानि करने के आरोपों की जाँच।

​मेडिकल बोर्ड की क्लीन चिट ने प्रदर्शनकारियों के मुख्य आधार को चुनौती दी है, जबकि पुलिस हिंसा और मानहानि के आरोपों पर भी अब कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।


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