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बीकानेर कोर्ट का बड़ा फैसला: तलाक केस में 'बॉयफ्रेंड' भी बना पार्टी; पत्नी ने सोशल मीडिया पर प्रेमी को बताया था पति, अब कोर्ट ने भेजा नोटिस

India-1stNews



– पारिवारिक न्यायालय का आदेश: पत्नी के अवैध संबंधों के आधार पर पति ने मांगी थी अनुमति; कोर्ट ने कहा- 'सच्चाई जानने के लिए प्रेमी को सुनना जरूरी'

– यह है मामला: गुमशुदगी के बाद थाने में प्रेमी संग पहुंची थी पत्नी, कहा था- 'पति से नफरत है, इसी के साथ रहूंगी'; दिल्ली में लिव-इन में रहने के दिए सबूत

बीकानेर, 19 जनवरी (सोमवार)।बीकानेर के पारिवारिक न्यायालय (Family Court) ने तलाक के एक मामले में अहम और दूरगामी प्रभाव वाला आदेश सुनाया है। कोर्ट ने पत्नी के कथित प्रेमी को भी तलाक के मुकदमे में 'आवश्यक पक्षकार' (Necessary Party) बनाने का आदेश दिया है।

पारिवारिक न्यायालय संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी अशोक चौधरी ने पति की अर्जी स्वीकार करते हुए पत्नी के प्रेमी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने माना कि जिस व्यक्ति की वजह से रिश्ता टूटा है, उसका पक्ष जाने बिना या उसे शामिल किए बिना मामले की तह तक नहीं पहुंचा जा सकता।

पति की दलील: 'सोशल मीडिया पर फोटो डाले, खुद को पति-पत्नी बताया'

​प्रकरण में प्रार्थी पति की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट अनिल सोनी ने कोर्ट में सनसनीखेज तथ्य रखे:

  • थाने में खुलासा: पति ने बताया कि पत्नी पहले फोन पर गैर-मर्दों से बात करती थी। जब वह घर से गायब हुई, तो गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस जब उसे ढूंढकर लाई, तो वह एक युवक के साथ थाने पहुंची। वहां उसने साफ कह दिया कि उसे पति से नफरत है और वह प्रेमी के साथ ही रहेगी।
  • सबूत: पति ने कोर्ट को बताया कि उसकी पत्नी और प्रेमी दिल्ली व अन्य बड़े शहरों में साथ रह रहे हैं। दोनों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को पति-पत्नी बताते हुए फोटो भी साझा किए हैं।
  • मांग: पति ने आदेश 1 नियम 10 (CPC) के तहत अर्जी दी कि कथित प्रेमी को भी इस केस में प्रतिवादी बनाया जाए, क्योंकि उसी के कारण यह तलाक हो रहा है।

पत्नी का तर्क खारिज: 'तीसरे को बीच में न लाएं'

​हालांकि, पत्नी की ओर से जवाब में कहा गया कि यह अर्जी दुर्भावनापूर्ण है।

  • तर्क: पत्नी ने कहा कि वैवाहिक विवाद केवल पति और पत्नी के बीच का विषय है। इसमें किसी तीसरे व्यक्ति (जिस पर व्यभिचार/Adultery का आरोप हो) को घसीटना कानूनन सही नहीं है।

कोर्ट का फैसला: 'प्रेमी सुसंगत पक्षकार है'

​न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पति द्वारा पेश किए गए सोशल मीडिया फोटोग्राफ, शपथपत्र और लिव-इन रिलेशनशिप के दस्तावेजों को देखने के बाद पति के पक्ष में फैसला सुनाया।

  • आदेश: जज अशोक चौधरी ने कहा कि दस्तावेजों को देखते हुए तथाकथित प्रेमी मामले का एक महत्वपूर्ण और सुसंगत पक्षकार (Relevant Party) है। न्यायहित में उसे अप्रार्थी संख्या-2 के रूप में जोड़ा जाना आवश्यक है। कोर्ट ने प्रेमी को रजिस्टर्ड नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

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