Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर: गोचर मुद्दे पर संतों का दो टूक- 'सिर्फ भरोसे से काम नहीं चलेगा, लिखित आदेश चाहिए'; 22 जनवरी को फिर CM से मिलेंगे नेता

India-1stNews



– सर्किट हाउस में मंथन: विधायकों ने दिया सीएम के आश्वासन का हवाला, महामंडलेश्वर सरजूदास महाराज बोले- 'जैसे उजाड़ने का आदेश दिया, वैसे ही संरक्षण का लिखित पत्र लाओ'

– आर-पार की लड़ाई: विकास के लिए पूरा शहर पड़ा है, मूक पशुओं की जमीन पर नजर न डालें; 22 को जयपुर में होगी निर्णायक वार्ता

बीकानेर, 19 जनवरी (सोमवार)। बीकानेर में गोचर-ओरण संरक्षण (Gochar Conservation) का मुद्दा अब आर-पार की लड़ाई में बदल गया है। सोमवार को सर्किट हाउस में भाजपा विधायकों और गोचर संरक्षण प्रतिनिधि मंडल के बीच हुई वार्ता में संतों ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें अब 'आश्वासन' नहीं, बल्कि 'ठोस कार्रवाई' चाहिए।

​प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे महामंडलेश्वर श्री सरजूदास जी महाराज ने विधायकों से साफ शब्दों में कहा, "हमें बातों पर भरोसा नहीं है, लिखित में आदेश चाहिए कि भविष्य में कभी भी गोचर भूमि से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।"

विधायकों ने कहा- सीएम संवेदनशील हैं

​भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई और अन्य विधायकों ने हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से हुई मुलाकात का ब्यौरा संतों के सामने रखा।नेताओं ने कहा कि सीएम इस मुद्दे पर संवेदनशील हैं। उन्होंने आश्वस्त किया है कि गोचर भूमि अपने मूल स्वरूप में ही रहेगी, उसे बदला नहीं जाएगा। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़, विधायक सिद्धि कुमारी, ताराचंद सारस्वत, अंशुमान सिंह और डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने सरकार का पक्ष रखा।

संतों का तर्क: BDA को आदेश दिया, तो हमें भी लिखित में दो

​महामंडलेश्वर सरजूदास महाराज ने सरकार के भरोसे पर सवाल खड़े किए।

  • सीधा सवाल: उन्होंने कहा, "जिस प्रकार बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) को गोचर उजाड़ने या अधिग्रहित करने के निर्देश दिए गए थे, उसी प्रकार अब लिखित में आदेश जारी होना चाहिए कि गोचर सुरक्षित रहेगी।"
  • चेतावनी: उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर पूरा बीकानेर क्षेत्र खुला पड़ा है, लेकिन गौमाता और लाखों जीव-जंतुओं की आश्रय स्थली (गोचर) पर सरकार नजर न डालें।

अब 22 जनवरी पर टिकी नजरें

​संतों के कड़े रुख को देखते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई ने सीएमओ (CMO) में बात की है।

  • अगला कदम: तय किया गया है कि 22 जनवरी को प्रतिनिधि मंडल और नेता फिर से मुख्यमंत्री से मिलेंगे और ठोस कागजी कार्रवाई (लिखित आदेश) का आग्रह करेंगे।

ये रहे मौजूद

​बैठक में गोचर ओरण संरक्षण समिति की ओर से शिव गहलोत, दुर्गा सिंह शेखावत, महेंद्र किराडू, मनोज सेवग, सूरजप्रकाश राव, कैलाश सोलंकी, विजय थानवी, नवरत्न उपाध्याय, धनपत मारू, यशविंदर चौधरी, अशोक उपाध्याय, रामकृष्ण उपाध्याय, धर्मेंद्र सारस्वत, निर्मल शर्मा, मोहित राव और मुकेश पारीक सहित अनेक गौसेवक उपस्थित रहे।


Post a Comment

0 Comments