– 5-5 हजार का था इनाम: मुंबई, दिल्ली और पुणे में फरारी काटने के बाद गांधीनगर में छिपे थे हत्यारे; पुलिस ने जाल बिछाकर दबोचा
– यह था मामला: नवंबर में दुकानदार अशोक कुमार का अपहरण कर की थी हत्या; SHO सुमन शेखावत के नेतृत्व में बड़ी कार्रवाई
बीकानेर/देशनोक, 23 जनवरी (शुक्रवार)।बीकानेर की देशनोक थाना पुलिस ने हत्या के एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाकर अशोक कुमार हत्याकांड के दो मुख्य आरोपियों को गुजरात के गांधीनगर से गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार थे और उन पर एसपी बीकानेर ने 5000-5000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए 'कार्पेंटर' (बढ़ई) और मजदूर का वेश बनाया और उनके ठिकाने तक पहुंची।
फिल्मी अंदाज: पुलिस भी बनी 'कार्पेंटर'
देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत ने बताया कि आरोपियों की लोकेशन बार-बार बदल रही थी। आरोपी वारदात के बाद मुंबई, नई दिल्ली, गुड़गांव, पुणे और अहमदाबाद में फरारी काटते रहे। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी गांधीनगर (गुजरात) में छिपे हैं और वहां बढ़ई (Carpenter) का काम कर रहे हैं। पुलिस टीम ने अपनी पहचान छिपाई। टीम के सदस्य भी कॉर्पेंटर और मजदूर बनकर वहां पहुंचे। उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से रैकी की और गांधीनगर से दोनों को दबोच लिया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
- ओमप्रकाश (24 वर्ष, पुत्र केशुराम जाट, निवासी पांचू, बीकानेर)
- नरसीराम (28 वर्ष, पुत्र बचनाराम जाट, निवासी लक्ष्मणनगर, चिमाणा, फलोदी)
फ्लैशबैक: 29 नवंबर की खौफनाक रात
परिवादी लक्ष्मीनारायण (निवासी पांचू) ने 30 नवंबर 2025 को मामला दर्ज करवाया था। उसका भाई अशोक कुमार देशनोक में परचून और चाय की दुकान करता था। 29 नवंबर की रात को आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया।आरोपी उसे रोही ग्राम चिताणा ले गए और बेरहमी से मारपीट की। गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान अशोक कुमार की मौत हो गई थी। तभी से पुलिस इनके पीछे लगी थी।
पुलिस टीम की विशेष भूमिका
इस कार्रवाई में कांस्टेबल राजेन्द्र (876) की विशेष भूमिका रही। टीम में थानाधिकारी सुमन शेखावत के साथ एएसआई टीकूराम, साइबर सेल के एएसआई दीपक यादव, कांस्टेबल नारायणदान, दिनेश और सचिन शामिल थे।

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