– डेली तलाई गांव में कोहराम: रात के अंधेरे में बाड़े में हुई खौफनाक घटना; चरवाहे आशुराम मेघवाल को भारी आर्थिक नुकसान
– दहशत में ग्रामीण: बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया; ग्रामीणों ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग
बीकानेर/पूगल, 4 जनवरी (रविवार)।बीकानेर जिले के सीमावर्ती पूगल क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक जानलेवा साबित हो रहा है। यहां के डेली तलाई स्थित चक 8 एलएम में एक आवारा कुत्ते ने कोहराम मचा दिया। रात के समय एक बाड़े में घुसकर कुत्ते ने 15 भेड़-बकरियों के बच्चों को काट-काटकर मार डाला।
इतना ही नहीं, शोर सुनकर जब घर का 9 साल का बच्चा पशुओं को बचाने दौड़ा, तो खूंखार कुत्ते ने उस पर भी हमला कर उसे घायल कर दिया।
बाड़े में बिछ गईं लाशें
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित आशुराम मेघवाल एक गरीब चरवाहा है।
- रात का हमला: आशुराम के घर के बाड़े में भेड़-बकरियों के छोटे बच्चे (मेमने) रखे हुए थे। रात में एक आवारा कुत्ता दीवार फांदकर या किसी रास्ते से अंदर घुस गया।
- तबाही: कुत्ते ने एक के बाद एक 15 बच्चों को अपना शिकार बनाया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में बकरियों ने इन बच्चों को जन्म दिया था।
बच्चे पर झपटा कुत्ता
बाड़े से आवाज़ें सुनकर घर का 9 वर्षीय बच्चा दौड़कर वहां पहुंचा।
- घायल: बच्चे ने जैसे ही कुत्ते को भगाने का प्रयास किया, कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया।
- इलाज: घायल बच्चे को परिजनों ने तुरंत संभाला और पूगल के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज चल रहा है। गनीमत रही कि कुत्ते ने बच्चे को ज्यादा गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाया।
चरवाहे की कमर टूटी, मुआवजे की मांग
इस घटना से आशुराम मेघवाल को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
- नुकसान का आकलन: पूगल क्षेत्र में एक बकरी के बच्चे की कीमत औसतन 2000 से 2500 रुपये मानी जाती है। ऐसे में गरीब किसान को हजारों रुपये का फटका लगा है।
- मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के आतंक से मुक्ति दिलाई जाए।
गांव में दहशत
घटना के बाद चक 8 एलएम और आसपास के इलाकों में दहशत है। ग्रामीणों को डर है कि खून का स्वाद चख चुका कुत्ता दोबारा हमला कर सकता है। लोगों ने अपने पशुओं और छोटे बच्चों की सुरक्षा बढ़ा दी है।

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