Mobile Logo Settings

Mobile Logo Settings

बीकानेर: स्कूली बच्चों की लड़ाई में कूदे परिजन, खूनी संघर्ष में नाक और सिर पर चोटें, 2 घायल

India-1stNews



​– सहनशक्ति की कमी: 'देख लेने' की धमकी मारपीट में बदली; देर रात एक पक्ष ने दूसरे पर बोला धावा, पीबीएम में कराया इलाज

– पुलिस जांच: कोतवाली एसएचओ सविता डाल ने बताया- बच्चों के विवाद में आक्रोशित हुए थे बड़े; एक पक्ष के हेमंत और दीपक घायल

​बीकानेर, 23 जनवरी (शुक्रवार)। बीकानेर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सहनशक्ति (Tolerance) के अभाव का एक और मामला सामने आया है। यहां स्कूली बच्चों की छोटी सी बात को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ गया कि रात होते-होते लक्ष्मीनाथ मंदिर पुल के नीचे खूनी संघर्ष हो गया।

​दो पक्षों के बीच हुई इस मारपीट में लात-घूंसे चले, जिससे दो युवक घायल हो गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची।

​चेहरे और पेट पर आई चोटें

​मारपीट की यह घटना देर रात की है।

  • ​हमले में हेमंत देवड़ा और दीपक तंवर घायल हुए हैं। हेमंत के चेहरे (नाक) और पेट में चोटें आई हैं, जबकि दीपक को मामूली चोटें लगी हैं। पुलिस ने तुरंत घायलों को पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने मरहम-पट्टी कर हेमंत को छुट्टी दे दी है।

​वजह: बच्चों की लड़ाई, बड़ों का गुस्सा

​कोतवाली थानाधिकारी सविता डाल ने बताया कि विवाद के कारणों की जांच की जा रही है। मामला स्कूली बच्चों की आपस में हुई कहासुनी से जुड़ा है। बच्चों के झगड़े को लेकर परिजन आक्रोशित हो गए। बात पहले "देख लेने" की धमकी तक सीमित थी, लेकिन देर रात एक पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के पास पहुंच गए। पहले थप्पड़ चले और फिर मारपीट शुरू हो गई।

​पुलिस कार्रवाई

​घटना की जानकारी मिलते ही घायलों के परिजन भी थाने पहुंच गए। पुलिस ने अभी एक पक्ष की बात सुनी है और दूसरे पक्ष को पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

​समाज के लिए सवाल: यह घटना साबित करती है कि आज के दौर में सहनशक्ति की कमी सबसे बड़ी समस्या है। छोटा सा संवाद और समझाइश इस हिंसा को रोक सकती थी।


Post a Comment

0 Comments

📰 India First News — विज्ञापन एवं न्यूज़ देने के लिए संपर्क करें: 8562008562
Advertisement
Advertisement