– संवेदनहीनता: नोखा के भादला PHC की बड़ी लापरवाही; शोभाना गांव की महिला ने अस्पताल परिसर के बाहर बच्चे को दिया जन्म
– आक्रोश: चिकित्सा मंत्री के प्रभार वाले जिले में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएँ; ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर शुरू किया धरना, कार्रवाई की मांग
बीकानेर, 4 मार्च (बुधवार) बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र से चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोलती एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है। भादला गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में समय पर इलाज और स्टाफ न मिलने के कारण एक महिला को अस्पताल के बाहर खुले में ही प्रसव (डिलीवरी) करने पर मजबूर होना पड़ा। यह घटना उस जिले की है, जो प्रदेश के चिकित्सा मंत्री के प्रभार में आता है।
अस्पताल में ताला, बाहर तड़पती रही महिला
जानकारी के अनुसार, शोभाना गांव निवासी महिला को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन तुरंत भादला PHC लेकर पहुँचे थे। परिजनों का आरोप है कि उस वक्त अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही नर्सिंग स्टाफ। प्रसूता दर्द से कराहती रही और परिजन मदद के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल के भीतर से कोई जवाब नहीं मिला। अंततः मजबूरी में महिला ने अस्पताल परिसर के बाहर खुले में ही बच्चे को जन्म दिया।
वीडियो वायरल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। बदहाल व्यवस्थाओं से नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस PHC में स्टाफ की अनुपस्थिति और अव्यवस्थाओं की शिकायतें लंबे समय से की जा रही हैं, लेकिन प्रशासन ने कभी सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने दोषी चिकित्सा कर्मियों को तुरंत निलंबित करने की मांग की है।
प्रसूता और नवजात सुरक्षित, पर सवाल बरकरार
राहत की बात यह रही कि इतनी विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रसूता और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। हालांकि, इस घटना ने सरकार के "जननी सुरक्षा" और "संस्थानिक प्रसव" के दावों की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामला तूल पकड़ते देख चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी से गायब रहने वाले स्टाफ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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