– जेब पर भार: घरेलू सिलेंडर अब ₹866 से बढ़कर ₹926 हुआ; कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹1947 तक पहुँची।
– नया नियम: बुकिंग सिस्टम में बड़ा बदलाव; एक सिलेंडर लेने के बाद अगले 21 दिनों तक नहीं कर सकेंगे दूसरी बुकिंग।
बीकानेर, 7 मार्च (शनिवार)। अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेजी का असर बीकानेर के रसोई बजट पर पड़ना शुरू हो गया है। तेल कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
घरेलू और कमर्शियल दरों में बड़ा उछाल
- घरेलू सिलेंडर (14.2 KG): इसकी कीमत में ₹60 का इजाफा किया गया है। अब उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए ₹866 के बजाय ₹926 चुकाने होंगे।
- कमर्शियल सिलेंडर (19 KG): व्यापारिक इस्तेमाल वाले सिलेंडर में ₹114 की बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत ₹1833 से बढ़कर अब ₹1947 हो गई है। (विभिन्न कंपनियों की दरों में मामूली अंतर संभव है)।
बुकिंग का नया नियम: 21 दिन की बाध्यता
कीमतें बढ़ने के साथ ही बुकिंग के नियमों को भी सख्त कर दिया गया है। अब कोई भी उपभोक्ता एक रिफिल बुक कराने के बाद अगले 21 दिनों तक दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएगा। यानी एक महीने में सिलेंडरों की संख्या और उनके बीच के अंतराल को नियंत्रित करने के लिए यह 'लॉक-इन पीरियड' लागू किया गया है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य-पूर्व (Middle-East) में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति मार्गों में बाधा आने के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की लागत बढ़ी है। चूंकि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार की हर हलचल का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
व्यापार और रसोई पर असर
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में तेजी का सीधा असर होटल, रेस्तरां, ढाबों और छोटे खाद्य व्यापारियों पर पड़ेगा, जिससे बाहर खाना खाना और महंगा हो सकता है। वहीं, घरेलू सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।

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