– सनसनीखेज: सतासर के पास नहर किनारे मिलीं चप्पलें, लुगड़ी और हार से दबा सुसाइड नोट; SDRF और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी।
– दर्दनाक दास्तां: "होश खोने तक पीटते थे पति और सास, मायके में भी नहीं मिली शरण"—सुसाइड नोट में मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप।
छतरगढ़/बीकानेर, 6 मार्च (शुक्रवार)।बीकानेर के छतरगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ममता को शर्मसार और सिस्टम को झकझोर देने वाली घटना हुई। सतासर के पास इंदिरा गांधी नहर की आरडी पर एक महिला अपनी दो छोटी बच्चियों के साथ लापता हो गई। नहर किनारे महिला के गहने और चप्पलें मिलने से उनके नहर में कूदने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
सुसाइड नोट: "बेहोश होने तक पीटते थे"
महिला ने मरने से पहले एक विस्तृत सुसाइड नोट छोड़ा है, जो उसके गले के हार के नीचे दबा मिला। इसमें उसने लिखा:
"मेरा पति और सास मिलकर मुझे रात भर पीटते हैं। इतनी मारपीट की जाती है कि घंटों तक होश नहीं आता। मुझे अपनी जान का खतरा है और मेरे ससुराल वाले मुझे मेरी मां के पास भी नहीं जाने देते।"
महिला ने आगे लिखा कि जब वह घर से भागने की कोशिश करती तो उसे वापस पकड़कर कमरे में बंद कर दिया जाता। हद तो तब हो गई जब मायके में भी उसके साथ मारपीट की गई।
बच्चियों को साथ ले जाने की वजह
सुसाइड नोट में महिला ने अपनी ममता और मजबूरी का जिक्र करते हुए लिखा:
"मैं अपनी बच्चियों को साथ ले जा रही हूं क्योंकि मेरी सास शराब की आदी है। मेरे जाने के बाद मेरी बच्चियों का वारिस कौन बनेगा? उनकी देखभाल कौन करेगा?"
उसने पुलिस से भावुक अपील की है कि उसकी मौत के लिए केवल उसके पति और सास को ही जिम्मेदार ठहराया जाए और किसी निर्दोष को न फंसाया जाए।
पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन
खाजूवाला DSP अमरजीत चावला और छतरगढ़ थानाधिकारी नवनीत सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं।SDRF की टीम और स्थानीय गोताखोर नहर के गहरे पानी में महिला और दोनों बच्चियों की तलाश कर रहे हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया है और ससुराल पक्ष से पूछताछ शुरू कर दी है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही सतासर और आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण नहर किनारे जुट गए। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा गुस्सा है कि आखिर एक महिला को इस कदर मजबूर क्यों किया गया कि उसे अपनी और अपने बच्चों की जान लेनी पड़ी।

0 Comments