– सेहत से खिलवाड़: नगद नारायण की कैंडी में मिला खतरनाक कृत्रिम रंग; युवराज बीकानेर की 'केसर बाटी' भी जांच में हुई फेल।
– 2 महीने का बैन: प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के निर्देश पर पूरे राजस्थान में लागू हुआ आदेश; दुकानों से हटाने होंगे पैकेट।
– बच्चों के लिए खतरा: कैंडी में टार्ट्राजीन और सनसेट येलो रंगों की मात्रा सीमा से अधिक; एलर्जी और अस्थमा जैसी बीमारियों का डर।
बीकानेर, 15 अप्रैल (बुधवार)।राजस्थान सरकार ने मिलावटखोरों और मानकों की अनदेखी करने वाली खाद्य इकाइयों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बीकानेर की प्रसिद्ध फर्मों द्वारा निर्मित उत्पादों को स्वास्थ्य के लिए घातक मानते हुए उनके वितरण पर आगामी दो माह तक के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
बीकानेर की इन दो फर्मों पर गिरी गाज
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नगद नारायण फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (नगद नारायण ब्रांड):
- उत्पाद: शुगर बॉयल्ड कंफेक्शनरी (कैंडी/टॉफी)
- गड़बड़ी: जयपुर लैब की रिपोर्ट के अनुसार, बैच नंबर 12/2026 में कृत्रिम रंग टार्ट्राजीन और सनसेट येलो निर्धारित सीमा से कहीं अधिक पाए गए। साथ ही उत्पाद को 'मिस-ब्रांडेड' भी पाया गया।
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मैसर्स रस रसना फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (युवराज बीकानेर ब्रांड):
- उत्पाद: केसर बाटी (बैच YUV 01)
- गड़बड़ी: यह उत्पाद भी जांच रिपोर्ट में असुरक्षित पाया गया है, जिसके कारण इसे तुरंत प्रभाव से बाजार से हटाने के आदेश दिए गए हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
पीबीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया ने चेतावनी दी है कि टॉफी-कैंडी में इस्तेमाल होने वाले ये कृत्रिम रंग बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। इनके अधिक सेवन से:
- एलर्जी, त्वचा रोग और सांस लेने में तकलीफ।
- बच्चों में चिड़चिड़ापन और हाइपरएक्टिविटी।
- लंबे समय तक सेवन से किडनी और लीवर पर बुरा प्रभाव।
कंपनी का पक्ष: "मानवीय त्रुटि संभव"
मामले पर नगद नारायण फूड्स के प्रमुख नारायण दास तुलसानी ने सफाई देते हुए कहा कि रंग की मात्रा में मामूली मानवीय चूक हो सकती है। उन्होंने बताया कि संबंधित सैंपल निवाई से लिया गया था और वर्तमान में इसकी गहन जांच की जा रही है।
India First News की अपील
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन को सलाह दी है कि वे प्रतिबंधित बैच नंबर वाले इन उत्पादों की खरीद और उपयोग न करें। यदि किसी दुकान पर ये उत्पाद बिकते पाए जाते हैं, तो तुरंत विभाग को सूचित करें।

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