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बीकानेर: मिलिट्री एरिया के पास 10 फीट लंबी सुरंग मिली; जासूसी के शक में दो भाई डिटेन, पूछताछ में सामने आई बेबसी की कहानी

India-1stNews



– बेबसी का ठिकाना: प्रशासन ने अतिक्रमण बताकर घर तोड़ा, तो झाड़ियों के बीच 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर रहने लगा युवक; सुरक्षा एजेंसियों ने समझा 'जासूसी का अड्डा'।

– मानवता शर्मसार: 23 मार्च के अखबार में लिपटी चार सूखी रोटियां बयां कर रही हैं अजय मेहरा की भूख और लाचारी की दास्तां।

– सवाल प्रशासन से: घर तोड़ने के बाद पुनर्वास की व्यवस्था क्यों नहीं? आखिर कब तक बेघर लोग इन गड्ढों में रहने को मजबूर रहेंगे?

बीकानेर, 09 अप्रैल।बीकानेर के सामरिक क्षेत्र के पास डूंगर कॉलेज परिसर में मिली 10 फीट लंबी सुरंग ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाया है, बल्कि बीकानेर प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस गड्ढे को मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) जासूसी की साजिश समझ रही थी, वह वास्तव में दो बेघर भाइयों की व्यवस्था के खिलाफ एक 'मौन चीख' निकली।

अतिक्रमण की कार्रवाई ने बना दिया 'खानाबदोश'

​पुलिस हिरासत में लिए गए अजय मेहरा ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि प्रशासन ने कुछ समय पहले उसका घर यह कहकर तोड़ दिया कि वह अवैध है। पिता की मौत हो चुकी है और मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। घर टूटने के बाद अजय और उसका भाई विजय सड़कों पर आ गए। रातें पंचशती सर्किल पर बीतने लगीं, लेकिन जब वहां भी रहने में दिक्कत आई तो अजय ने डूंगर कॉलेज की झाड़ियों के बीच जमीन को खोदकर अपना गुप्त आशियाना बनाना शुरू कर दिया।

सुरंग में जासूसी नहीं, 'गरीबी' मिली

​जब सुरक्षा एजेंसियों ने सुरंग की तलाशी ली, तो वहां कोई हथियार या जासूसी उपकरण नहीं, बल्कि कुछ बिजली के तार (शायद रोशनी के लिए), एक पुराना हेडफोन और 23 मार्च के अखबार में लिपटी चार बासी रोटियां मिलीं। यह इस बात का प्रमाण है कि अजय वहां किसी देश विरोधी साजिश के लिए नहीं, बल्कि समाज की नजरों से छिपकर सोने और दो वक्त की रोटी खाने के लिए रह रहा था।

प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल

​यह मामला बीकानेर प्रशासन के लिए एक सबक है। अतिक्रमण हटाना कानून का हिस्सा हो सकता है, लेकिन किसी नागरिक को इस कदर बेसहारा कर देना कि वह जमीन के नीचे गड्ढे खोदकर रहने को मजबूर हो जाए, एक कल्याणकारी राज्य की अवधारणा पर सवाल उठाता है। यदि समय रहते इन भाइयों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाती, तो आज यह स्थिति पैदा न होती और न ही सुरक्षा एजेंसियों का समय बर्बाद होता।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

​कॉलेज परिसर में खोदे गए इस गड्ढे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। सैन्य क्षेत्र के बेहद करीब होने के कारण मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस के साथ मिलकर जांच शुरू की। पुलिस ने मौके से अजय मेहरा और विजय मेहरा नामक दो भाइयों को हिरासत में लिया है।

जासूसी नहीं, आशियाना बनाने की थी जद्दोजहद

​थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि अजय और विजय का परिवार अत्यंत दयनीय स्थिति में है। पिता की मौत हो चुकी है और मां मानसिक रूप से अस्वस्थ है। अजय ने बताया कि प्रशासन द्वारा उनका घर अतिक्रमण में तोड़े जाने के बाद वे बेघर हो गए थे।

पुलिस और एजेंसियों का निष्कर्ष

​थानाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में जासूसी या देश विरोधी गतिविधियों का कोई प्रमाण नहीं मिला है। अजय दिनभर कबाड़ बीनने का काम करता है और उसी से अपना पेट पालता है। हालांकि, मिलिट्री एरिया की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अभी भी सतर्क हैं और दोनों भाइयों से पूछताछ कर पूरी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।


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