— सुरक्षा का नया चक्रव्यूह: बीएसएफ, सेना, सजग नागरिक और स्थानीय प्रशासन मिलकर बनाएं मजबूत 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड'; सीमा पार घुसपैठ, तस्करी और जनसांख्यिकी में कृत्रिम बदलाव पर रखें पैनी नजर।
— ऐतिहासिक धरा को नमन: वर्ष 1965 के युद्ध में पाक को खदेड़ने वाली सांचू पोस्ट के गौरवशाली इतिहास को सराहा; सांचू माता मंदिर में की पूजा-अर्चना और राज्य वृक्ष खेजड़ी का लगाया पौधा।
— नारी शक्ति को सलाम: बॉर्डर पर तैनात महिला प्रहरियों के लिए ₹40 करोड़ की लागत से बन रहे बैरकों की शृंखला में से 14 नवनिर्मित महिला बैरकों का किया ई-लोकार्पण।
बीकानेर/सांचू बॉर्डर, 26 मई (मंगलवार)। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की अग्रिम रक्षा पंक्ति को अभेद्य बनाने और विपरीत हालातों में देश की रक्षा करने वाले जांबाज प्रहरियों का हौसला बढ़ाने के लिए देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंगलवार को बीकानेर संभाग की ऐतिहासिक सांचू सीमा चौकी (Border Out Post) पहुंचे। सरहद पर आयोजित भव्य 'प्रहरी सम्मेलन' को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने सुरक्षाबलों में नया जोश फूंका और स्पष्ट किया कि वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सीमा सुरक्षा नीतियों में आमूलचूल परिवर्तन आया है। अब भारत आतंकवाद और घुसपैठ के खिलाफ 'मुंहतोड़ जवाब' देने की सीधी नीति पर काम कर रहा है।
सांचू पोस्ट पहुंचने पर केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने सबसे पहले सांचू माता मंदिर में शीश नवाकर देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद गृह मंत्री ने मरुधरा के पारंपरिक प्रतीक 'खेजड़ी' का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड से फेल होगी दुश्मन की चाल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए एक नया और बेहद व्यावहारिक मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि सरहद की अभेद्य सुरक्षा के लिए अब बीएसएफ (BSF), भारतीय सेना, सीमावर्ती क्षेत्रों के जागरूक नागरिक और स्थानीय जिला प्रशासन को मिलकर एक मजबूत 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' तैयार करना होगा।
उन्होंने सीमा प्रहरियों को पारंपरिक ड्यूटी से हटकर नई चुनौतियों का सामना करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि:
- सीमा पार से होने वाले किसी भी प्रकार के अतिक्रमण, आधुनिक हथियारों/मादक पदार्थों की स्मगलिंग और घुसपैठ पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए।
- 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान जिस तरह बीएसएफ ने सीमांत नागरिकों का हौसला बढ़ाया और पाक को खदेड़ा, वही जज्बा हमेशा कायम रहे।
- सरहद के पार से आने वाले खतरों के साथ-साथ देश के अंदर मौजूद उनके मददगारों और स्लीपर सेल्स के खिलाफ इतनी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए कि भविष्य में कोई ऐसी हिमाकत न कर सके।
- यदि सीमावर्ती इलाकों की जनसांख्यिकी (Demography) में कोई भी कृत्रिम या संदिग्ध बदलाव नजर आता है, तो बीएसएफ तुरंत राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को आगाह करे।
2030 तक महिला प्रहरियों को मिलेंगी सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं: ₹40 करोड़ से बन रहे बैरक
सैनिक सम्मेलन के दौरान गृह मंत्री ने देश की रक्षा में तैनात महिला प्रहरियों की जमकर सराहना की। उन्होंने गर्व से कहा कि— "आज देश की सीमाओं की सुरक्षा में हमारी बेटियां, बेटों से भी दो कदम आगे नजर आती हैं।" केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक इन बेटियों के लिए बॉर्डर पर सभी आवश्यक आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए संकल्पित है।
इसी कड़ी में राजस्थान में बीएसएफ की सीमा चौकियों पर महिला प्रहरियों के लिए ₹40 करोड़ की लागत से 79 विशेष बैरक स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से आज लोकार्पित हुए 14 बैरकों सहित 67 का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष 12 भी जल्द तैयार हो जाएंगे। वहीं, पूरे देश की बात करें तो ₹200 करोड़ की लागत से सीमा चौकियों पर 360 अत्याधुनिक बैरक बनाए जा रहे हैं।
स्वर्णाक्षरों में दर्ज है सांचू का इतिहास, अगले 6 माह में लगेंगे एंटी-ड्रोन सिस्टम
केंद्रीय गृह मंत्री ने वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान सांचू पोस्ट को बचाने वाले 13 ग्रेनेडियर और 3 आरएसी (जो अब 12वीं वाहिनी बीएसएफ है) के जवानों के पराक्रम को याद किया, जिन्होंने रणजीतपुरा से आकर पाक सेना को भागने पर मजबूर किया था।
जवानों की कनेक्टिविटी की समस्या को दूर करने के लिए शाह ने घोषणा की कि केंद्र सरकार अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 1096 किलोमीटर लंबी लिटरल रोड और 520 किलोमीटर लंबी एक्ससीएल (XCL) रोड का निर्माण कर रही है। इसके साथ ही, सीमा की 180 चौकियों पर पाइपलाइन से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का काम पूरा कर लिया गया है। सबसे अहम बात यह कि सीमा पार से आने वाले दुश्मन के ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने के लिए अगले 6 महीनों के भीतर बॉर्डर पर 'ड्रोन रोधी संयंत्र' (Anti-Drone Systems) लगाने की शुरुआत कर दी जाएगी।
प्रहरी शस्त्र गैलरी का अवलोकन और जवानों संग जलपान
प्रहरी सम्मेलन के बाद अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीमा पर तैनात जवानों के बीच पहुंचकर उनसे 'राम-राम' की और सीधे संवाद कर उनका मनोबल बढ़ाया। दोनों नेताओं ने प्रहरियों के साथ बैठकर चाय-नाश्ता (जलपान) किया। इसके बाद गृह मंत्री ने वहां बनाई गई अत्याधुनिक 'प्रहरी शस्त्र गैलरी' का बारीकी से अवलोकन किया और सीमा पर तैनात आधुनिक ड्रोन तकनीक व सर्विलांस उपकरणों की कार्यप्रणाली की लाइव जानकारी ली।
कृषि विश्वविद्यालय में सीएम भजनलाल ने किया पौधारोपण
सांचू बॉर्डर के इस महादौरे पर रवाना होने से पूर्व सुबह मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बीकानेर शहर स्थित स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (SKRAU) परिसर में पौधारोपण किया। सीएम ने बीकानेर संभाग के नागरिकों से अपील की कि वे बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाएं।
समारोह में देश के ये शीर्ष अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
सांचू पोस्ट पर आयोजित इस बेहद गरिमामयी और महत्वपूर्ण प्रहरी सम्मेलन के दौरान:
- अर्जुनराम मेघवाल: केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व स्थानीय सांसद
- गोविन्द मोहन: केंद्रीय गृह सचिव
- तपन कुमार: निदेशक, आसूचना ब्यूरो (Intelligence Bureau - IB)
- डॉ. राजेन्द्र कुमार: सचिव, सीमा प्रबंधन (Border Management)
- प्रवीण कुमार: महानिदेशक (DG), सीमा सुरक्षा बल (BSF) इसके साथ ही राजस्थान सरकार के स्थानीय मंत्री, विधायक, सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारी और भारतीय सेना व बीएसएफ के सैकड़ों जांबाज जवान इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।



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