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बीकानेर: सौतेले पिता की प्रताड़ना से तंग आकर 19 वर्षीय महेंद्र ने पानी के कुंड में कूदकर दी जान; बैग से मिला सुसाइड नोट, मुकदमा दर्ज

India-1stNews



​— ननिहाल में आत्मघाती कदम: नोखा अंचल के उड़सर गांव में 19 साल के युवक ने ढाणी के पास बने कुंड में छलांग लगाई; गंभीर हालत में बागड़ी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम।

​— सौतेले पिता पर गंभीर आरोप: मृतक के नाना बीजाराम ने दर्ज करवाया मामला; बोले— नागौर निवासी सौतेला पिता कैलाश लंबे समय से कर रहा था बेरहमी से मारपीट और मानसिक टॉर्चर।

​— समझाइश भी रही नाकाम: आत्महत्या से कुछ घंटे पहले नाना-दोहता आरोपी को समझाने नागौर के राजोद गए थे, लेकिन वहां भी आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी; सहमे युवक ने वापस लौटकर उठाया खौफनाक कदम।

बीकानेर, 28 मई (गुरुवार)। बीकानेर जिले के जसरासर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उड़सर गांव में एक 19 वर्षीय युवक द्वारा पानी के कुंड में कूदकर आत्महत्या करने का एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। युवक ने यह आत्मघाती कदम अपने सौतेले पिता द्वारा पिछले लंबे समय से किए जा रहे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर उठाया है। मौत से पहले युवक अपने बैग में एक भावुक सुसाइड नोट भी छोड़ गया है। इस संबंध में मृतक के नाना ने जसरासर थाने में नामजद मुकदमा दर्ज करवाया है, जिसके बाद पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश में जुट गई है।

13 साल पहले हुआ था पुनर्विवाह, तभी से साथ रह रहा था महेंद्र

​जसरासर थाना पुलिस के अनुसार, उड़सर निवासी बीजाराम जाट ने थाने में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि परिवादी बीजाराम की पुत्री का पहला विवाह कातर छोटी (श्रीडूंगरगढ़) निवासी तिलोकाराम के साथ हुआ था, जिससे महेन्द्र (19) नामक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी।

​बाद में वैवाहिक और पारिवारिक विवाद के चलते करीब 13 वर्ष पूर्व उसकी पुत्री ने नागौर जिले के राजोद गांव के निवासी कैलाश के साथ नाता प्रथा (पुनर्विवाह) के तहत विवाह कर लिया था। मां के पुनर्विवाह के बाद से ही मासूम महेंद्र भी अपनी मां और सौतेले पिता कैलाश के साथ नागौर के राजोद में ही रहने लगा था।

तौहीन, मारपीट और खौफ: सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

​नाना बीजाराम ने पुलिस को बताया कि सौतेला पिता कैलाश पिछले लंबे समय से महेंद्र को फूटी आंख नहीं सुहाता था। वह महेंद्र के साथ आए दिन बेरहमी से मारपीट करता, गाली-गलौज करता और उसे भयंकर मानसिक यातनाएं देता था। महेंद्र कई बार फोन पर और मिलकर अपने नाना को इस प्रताड़ना के बारे में रोते हुए बता चुका था।

​गत 26 मई 2026 को महेंद्र प्रताड़ना से तंग आकर नागौर से सीधे अपने ननिहाल उड़सर पहुंचा और नाना को पूरी आपबीती सुनाई। दोहते का दर्द देखकर नाना बीजाराम उसी दिन महेंद्र को साथ लेकर वापस नागौर के राजोद गांव पहुंचे और सौतेले पिता कैलाश को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आरोप है कि कैलाश ने सुधरने के बजाय वहां भी महेंद्र के साथ विवाद किया और सरेआम उसे जान से मारने की कड़े शब्दों में धमकी दे डाली।

डरे-सहमे युवक ने कुंड में लगाई छलांग, नोखा बागड़ी अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

​सौतेले पिता की इस आखिरी धमकी से महेंद्र बुरी तरह डर और सहम गया। वह उसी रात वापस अपने ननिहाल उड़सर लौट आया। यहां 26 मई की शाम करीब 7:00 बजे जब घर के लोग काम में व्यस्त थे, तब अत्यधिक मानसिक तनाव में आकर महेंद्र ने ढाणी के पास ही बने गहरे पानी के कुंड में छलांग लगा दी।

​कुछ समय बाद जब परिजनों को भनक लगी, तो उन्होंने भारी मशक्कत कर महेंद्र को अचेत अवस्था में कुंड से बाहर निकाला और तुरंत निजी वाहन से नोखा के बागड़ी राजकीय अस्पताल लेकर भागे। लेकिन अस्पताल पहुंचने पर वहां तैनात ड्यूटी डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद महेंद्र को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जब परिजनों ने महेंद्र के बैग की तलाशी ली, तो उसमें से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उसने सौतेले पिता कैलाश द्वारा किए जा रहे अत्याचारों को अपनी मौत की मुख्य वजह लिखा है।

BNS की धारा 108 के तहत मामला दर्ज, जांच में जुटी जसरासर पुलिस

​जसरासर थाना पुलिस ने मृतक के नाना बीजाराम की रिपोर्ट और सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी सौतेले पिता कैलाश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना/Abetment of Suicide) के तहत संगीन मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नोखा के बागड़ी अस्पताल मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए शव नाना पक्ष को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस की एक विशेष टीम सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच करने और आरोपी सौतेले पिता को राउंडअप करने के लिए नागौर रवाना हो चुकी है।

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