— मुस्तैद बीकाणा पुलिस: जुगल जोड़ी ज्वेलर्स से चोरी की वारदात का महज 3 दिनों में पटाक्षेप; मुंबई के बोरीवली इलाके में दबिश देकर दबोचे दोनों शातिर।
— पश्चिम बंगाल के हैं आरोपी: मुख्य कारीगर राजू मंडल और उसका मददगार सुबरात अली शेख चढ़े खाकी के हत्थे; साइबर सेल की मदद से ट्रेस की थी लोकेशन।
— पूरी रिकवरी: आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सोने की पूरी ढाली (75.50 ग्राम सोना) विधिक रूप से बरामद; अन्य वारदातों को लेकर पूछताछ जारी।
बीकानेर, 12 जून (शुक्रवार)। बीकानेर परकोटे के भीतर व्यस्ततम सर्राफा बाजार में कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक ज्वेलरी शॉप में हुए विश्वासघात और लाखों रुपए के सोने की चोरी का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर सनसनीखेज पर्दाफाश कर दिया है। कोतवाली थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और परंपरागत मुखबिरी के विधिक ताने-बाने की मदद से दोनों आरोपियों को मुंबई (महाराष्ट्र) के बोरीवली क्षेत्र से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया शत-प्रतिशत यानी पूरा 75.50 ग्राम शुद्ध सोना भी विधिक रूप से बरामद कर लिया है। इस त्वरित और सटीक कार्रवाई से बीकानेर के सर्राफा व्यापारियों ने राहत की सांस लेते हुए पुलिस तंत्र की सराहना की है।
6 जून को दर्ज हुआ था मुकदमा, भाई की अनुपस्थिति में साफ किया था काउंटर
प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला 6 जून (शनिवार) का है, जब 'जुगल जोड़ी ज्वेलर्स' व डाई कटिंग सेंटर के संचालक परिवादी कपिल सोनी ने कोतवाली थाने में उपस्थित होकर एक नामजद आपराधिक मुकदमा दर्ज करवाया था।
परिवादी ने पुलिस को बताया था कि उनके भाई की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर दुकान पर कार्यरत उनका बंगाली कारीगर राजू मंडल काउंटर में रखी करीब 75.50 ग्राम वजनी सोने की ढाली को अत्यंत शातिराना अंदाज में चुराकर मौके से रफूचक्कर (फरार) हो गया है। दुकान के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने पर आरोपी की यह करतूत साफ उजागर हुई थी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने भादंसं/बीएनएस की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक अनुसंधान शुरू किया था।
बोरीवली में ट्रेस हुई लोकेशन, साइबर सेल के इनपुट पर मुंबई में धावा
मामले की संवेदनशीलता और सर्राफा बाजार के व्यापारियों के आक्रोश को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) एवं वृताधिकारी (नगर) के निकट सुपरविजन में कोतवाली थाना स्तर पर एक विशेष विधिक टीम का गठन किया गया।
- साइबर विंग की मुस्तैदी: पुलिस टीम ने सबसे पहले आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स और मोबाइल नंबरों को सर्विलांस (ट्रेसिंग) पर लिया। साइबर सेल के विशेष इनपुट से पुलिस को भनक लगी कि आरोपी बीकानेर से भागकर सीधे मुंबई पहुंच गया है और वहां बोरीवली इलाके की झुग्गी-झोपड़ियों व तंग गलियों में छिपा हुआ है।
- दबिश और घेराबंदी: सूचना पुख्ता होते ही बीकानेर पुलिस की टीम तुरंत मुंबई के लिए रवाना हुई। स्थानीय मुंबई पुलिस के सहयोग से चिन्हित ठिकाने पर अचानक दबिश दी गई और मुख्य आरोपी राजू मंडल सहित उसके मददगार साथी को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं दोनों शातिर, हुगली और वर्धमान से कनेक्शन
कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की विधिक पहचान और विवरण इस प्रकार है:
- राजू मंडल उर्फ शांतनु करनार (मुख्य आरोपी): यह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का निवासी है। यह बीकानेर में लंबे समय से जुगल जोड़ी डाई कटिंग सेंटर में एक भरोसेमंद कारीगर के रूप में काम कर रहा था और दुकान के सारे लूपहोल्स जानता था।
- सुबरात अली उर्फ सोबरात अली शेख (सह-आरोपी/मददगार): यह भी मूल रूप से पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले का रहने वाला है। इसने चोरी के सोने को ठिकाने लगाने, रूट प्लान तैयार करने और राजू को मुंबई में फरारी कटवाने में विधिक रूप से सहयोग किया था।
थानाधिकारी सविता डाल के नेतृत्व वाली इस टीम ने मारी बाजी
इस अंतरराज्यीय और त्वरित विधिक ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने में कोतवाली थानाधिकारी सविता डाल (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में गठित विशेष टीम के जांबाज अधिकारियों और जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक ने टीम के सदस्यों— सउनि (ASI) राकेश मीना, हेड कांस्टेबल संदीप कुमार, कांस्टेबल लीलाधर और साइबर सेल के विशेष कांस्टेबल दिलीप सिंह की तकनीकी सजगता और सक्रिय भूमिका को विधिक रूप से सराहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बीकानेर लाया गया है, जिन्हें आज कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड ली जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने पूर्व में भी शहर के किन-किन ज्वेलरी शोरूम्स में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

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