— पारदर्शिता और त्वरित सेटलमेंट: पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) के तहत बैंक और पुलिस विभाग के आपसी समन्वय से बेहद कम समय में पास हुई भारी-भरकम क्लेम राशि।
— आश्रित परिवार को संबल: आरएसी कमान्डेंट श्रीमती सीमा हिंगोनिया और एसबीआई डीजीएम सौम्य रंजन साहू ने दिवंगत कर्मचारी की धर्मपत्नी मोनिका व सुपुत्र कुणाल को सौंपा चेक।
— कमान्डेंट ने जताया आभार: बिना किसी विधिक अड़चन के पीड़ित परिवार तक त्वरित राहत पहुंचाने के लिए आरएसी कमान्डेंट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया प्रबंधन की कार्यप्रणाली की सराहना की।
बीकानेर, 12 जून (शुक्रवार)। बीकानेर स्थित तीसरी बटालियन आरएसी (RAC) परिसर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) मण्डल बीकानेर के सौजन्य से 'पुलिस सैलरी पैकेज' (PSP) के विधिक लाभों व प्रावधानों को लेकर एक विशेष प्रशासनिक सभा एवं गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के दौरान बटालियन में पदस्थापित रहे दिवंगत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी स्वर्गीय नवरत्न के परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत मिलने वाले 1 करोड़ 10 लाख रुपए (₹1,10,00,000) की दुर्घटना बीमा क्लेम राशि का चेक विधिक रूप से सुपुर्द किया गया।
यह पूरी क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया आरएसी पुलिस विभाग और एसबीआई बैंक प्रबंधन के आपसी मजबूत समन्वय के चलते बेहद पारदर्शी और रिकॉर्ड कम समय में पूर्ण की गई है।
आरएसी कमान्डेंट और एसबीआई डीजीएम सहित आला अधिकारियों ने दी उपस्थिति
आरएसी मुख्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में दोनों विभागों के शीर्ष अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। समारोह के मंच पर तीसरी बटालियन आरएसी की कमान्डेंट श्रीमती सीमा हिंगोनिया (IPS), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बीकानेर अंचल के उपमहाप्रबंधक (DGM) सौम्य रंजन साहू, एजीएम व रीजनल मैनेजर सुजीत कुमार सुमन तथा सहायक महाप्रबंधक (डिपॉजिट DVAS) धर्मवीर मौजूद रहे।
अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दिवंगत कर्मचारी नवरत्न की धर्मपत्नी श्रीमती मोनिका एवं उनके सुपुत्र कुणाल धारू को 1 करोड़ 10 लाख रुपए का विधिक चेक सौंपकर परिवार को ढांढस बंधाया और भविष्य में भी हर संभव सहायता का विधिक आश्वासन दिया।
क्या है पुलिस सैलरी पैकेज (PSP) का सुरक्षा चक्र?
समारोह के दौरान एसबीआई के अधिकारियों ने आरएसी के जवानों और अधिकारियों को पुलिस सैलरी पैकेज (Police Salary Package) के तहत मिलने वाली विभिन्न विधिक और वित्तीय सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।
- निःशुल्क दुर्घटना बीमा: अधिकारियों ने बताया कि इस विशेष विधिक पैकेज के तहत बैंक खाते धारक पुलिस कर्मियों और विभाग के श्रेणी कर्मचारियों को ऑन-ड्यूटी या ऑफ-ड्यूटी किसी भी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना होने पर ₹1 करोड़ से अधिक का पूर्णतः निःशुल्क व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर (Personal Accident Insurance Cover) प्रदान किया जाता है।
- पारदर्शी और त्वरित विधिक प्रक्रिया: स्वर्गीय नवरत्न के मामले में बैंक के नियमों और पुलिस विभाग के विधिक दस्तावेजों का मिलान इतनी त्वरित गति से किया गया कि परिवार को क्लेम राशि प्राप्त करने के लिए किसी भी विधिक अड़चन या दफ्तरों के चक्करों का सामना नहीं करना पड़ा।
कमान्डेंट सीमा हिंगोनिया ने जताया एसबीआई प्रबंधन का विशेष आभार
चेक वितरण के पश्चात तीसरी बटालियन आरएसी की कमान्डेंट श्रीमती सीमा हिंगोनिया ने बैंक प्रबंधन की इस संवेदनशीलता और मुस्तैदी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कमान्डेंट हिंगोनिया ने कहा कि विभाग के एक दिवंगत कर्मचारी के परिवार के सामने आए इस अचानक विधिक और आर्थिक संकट के समय एसबीआई बैंक ने जिस तत्परता से काम किया है, वह अनुकरणीय है। इतनी बड़ी क्लेम राशि को बिना किसी परेशानी और बेहद कम समय में पास करने के लिए उन्होंने डीजीएम सौम्य रंजन साहू और उनकी पूरी बैंकिंग टीम का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
इस भावुक और गरिमामयी समारोह के दौरान तीसरी बटालियन आरएसी बीकानेर के अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पुलिस प्रशासनिक स्टाफ, एसबीआई बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक और स्वर्गीय नवरत्न के विधिक परिजन व समाज के प्रबुद्ध लोग उपस्थित रहे।

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