— लापरवाही पर तत्काल गाज: पीड़ित पक्ष की शिकायत और जांच की धीमी गति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने की बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई; नयाशहर थाने से हटाया।
— नशा बेचने से रोकने पर हुआ था हमला: डीडू सिपाहियान मोहल्ला (सोनगिरी कुआं) में इरफान अली पर तीन भाइयों ने मिलकर किया था जानलेवा हमला; एफआईआर में दर्ज था पूरा मामला।
— मुख्य आरोपी अब भी फरार: पुलिस ने एक आरोपी सोहिन खान को पूर्व में कर लिया था गिरफ्तार; मुख्य अभियुक्त मोइन खान और दानिश पुलिस की पकड़ से दूर।
बीकानेर, 18 जून (गुरुवार)। बीकानेर शहर के मुस्तैद पुलिस महकमे से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आ रही है। नयाशहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डीडू सिपाहियान मोहल्ला (सोनगिरी कुआं) में हुए सनसनीखेज चाकूबाजी और जानलेवा हमले के मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) मृदुल कच्छावा ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की विधिक जांच (अनुसंधान) में कथित रूप से ढिलाई और लापरवाही बरतने पर एसपी ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए अनुसंधान अधिकारी (IO) एवं सहायक उपनिरीक्षक (ASI) कोहरसिंह को नयाशहर थाने से लाइन हाजिर करते हुए सुदूर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर के खाजूवाला थाने में स्थानांतरित (लगा) दिया है।
इस कड़े प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कदम से बीकानेर पुलिस महकमे के सुस्त जांच अधिकारियों और थानों में हड़कंप मच गया है।
पीड़ित पक्ष ने एसपी मृदुल कच्छावा से मिलकर लगाई थी गुहार, कहा— 'आरोपियों को मिल रहा ढील का फायदा'
प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, गत 9 जून की रात को डीडू सिपाहियान मोहल्ले में इरफान अली पर जानलेवा हमला हुआ था। इस मामले की गंभीर प्रकृति को देखते हुए जांच एएसआई कोहरसिंह को सौंपी गई थी।
- एसपी ऑफिस पहुंचे पीड़ित: वारदात के कई दिन बीत जाने के बाद भी जब मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो पीड़ित पक्ष और डीडू सिपाहियान मोहल्ले के मौजीज लोग जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा से उनके कार्यालय में जाकर मिले।
- लापरवाही के आरोप: पीड़ित परिवार ने एसपी को लिखित शिकायत सौंपकर आरोप लगाया कि जांच अधिकारी (IO) कोहरसिंह मामले में आवश्यक विधिक तत्परता नहीं दिखा रहे हैं और उनकी ढिलाई के कारण ही वारदात के मुख्य नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत नयाशहर थानाधिकारी से केस डायरी की प्रोग्रेस रिपोर्ट तलब की और आरोपों को सही पाते हुए एएसआई कोहरसिंह को शहर के प्राइम थाने से हटाकर सीधे बॉर्डर इलाके के ग्रामीण थाने खाजूवाला भेजने के आदेश जारी कर दिए।
नशा बेचने से रोकने पर इरफान पर हुआ था चाकुओं व लाठी-सरियों से हमला
उल्लेखनीय है कि इस पूरे खूनी संघर्ष की जड़ में क्षेत्र में पनप रहा अवैध नशे का कारोबार शामिल था। नयाशहर पुलिस थाने में दर्ज आधिकारिक एफआईआर के अनुसार, परिवादी इरफान अली ने मोहल्ले में अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री और खरीद-फरोख्त करने से आरोपियों को मना किया था और टोकते हुए विरोध दर्ज कराया था।
इसी रंजिश को लेकर आरोपी मोइन खान, दानिश और सोहिन खान (पुत्रगण मुख्तयार अली) ने पूरी प्लानिंग के साथ घात लगाकर इरफान अली को रास्ते में रोका और उस पर चाकुओं, लोहे के सरियों व लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। इस हमले में इरफान की पीठ में चाकू घोंपा गया था और हाथ की हथेली भी पूरी तरह कट गई थी।
एक आरोपी सोहिन जेल में, मुख्य सूत्रधार मोइन और दानिश अब भी फरार
इस जानलेवा हमले और बलवे के मामले में नयाशहर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन नामजद भाइयों में से एक आरोपी सोहिन खान (उम्र 21 वर्ष) को कुरेशियान मस्जिद के पीछे से गिरफ्तार कर लिया था, जिससे वारदात में प्रयुक्त चाकू भी बरामद हो चुका है।
लेकिन, वारदात के मुख्य अभियुक्त और हमले के मुख्य सूत्रधार मोइन खान और दानिश पिछले कई दिनों से पुलिस को छका रहे हैं और फरार चल रहे हैं। एसपी मृदुल कच्छावा ने अब नयाशहर थाने के नए जांच अधिकारी को निर्देशित किया है कि फरार दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर तुरंत दबिश दी जाए और शहर में शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाले इन बदमाशों को अविलंब सलाखों के पीछे भेजा जाए।

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