— बढ़ता जा रहा है अपराध का ग्राफ: महानगरों की तरह अब स्थानीय रेल मार्गों पर भी होने लगीं झपट्टा मारने की वारदातें; यात्रियों में चिंता।
— पिलर 401 के पास लगाई छलांग: हिसार-बीकानेर डेमू में महिला के गले से चैन तोड़कर भाग रहा था युवक; पकड़े जाने के डर से उठाया आत्मघाती कदम।
— सूडसर स्टेशन पर रखा है शव: मृतक की जेब से मिले मोबाइल फोन से शिनाख्त में जुटी रेलवे पुलिस; करीब 25 वर्ष आंकी जा रही है उम्र।
— लादूपूरी गोस्वामी ने बयां किया मंजर: चश्मदीद यात्री ने कहा— सूडसर स्टेशन तक युवक के जिस्म में थी हरकत; अगर तुरंत मिल जाता इलाज, तो बच सकती थी जान।
बीकानेर/श्रीडूंगरगढ़, 11- जुलाई (शनिवार)। बड़े महानगरों की तर्ज पर अब बीकानेर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में भी छीना-झपटी और चैन स्नेचिंग जैसी संगीन वारदातें तेजी से पैर पसारने लगी हैं। शनिवार सुबह बीकानेर रेल खंड पर एक ऐसा ही खौफनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां एक महिला यात्री के गले से सोने की चैन तोड़कर भाग रहे कथित स्नेचर की चलती ट्रेन से कूदने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेन से कूदने के दौरान युवक रेलवे ट्रैक के पास लगे एक लोहे के पोल से बेहद तेज रफ्तार में टकरा गया था।
महिला के गले से चैन तोड़कर भागा, पिलर 401 के पास लगाई छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों और रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात शनिवार सुबह हिसार-बीकानेर डेमू ट्रेन (गाड़ी संख्या 14898) में घटित हुई। ट्रेन जब बेनीसर स्टेशन के समीप रेलवे पिलर संख्या 400 के पास से गुजर रही थी, तभी बोगी में सवार करीब 25 वर्षीय एक अज्ञात युवक ने मौका पाकर एक महिला सवारी के गले पर झपट्टा मारा और उसकी सोने की चैन तोड़ ली।
चैन टूटते ही पीड़ित महिला और उसके परिजनों ने शोर मचाते हुए मुस्तैदी दिखाई और आरोपी को दबोचने के लिए आगे बढ़े। बोगी के अन्य यात्रियों को भी अपनी ओर आता देख और घिरता पाकर आरोपी घबरा गया। खुद को कानून के शिकंजे से बचाने के लिए वह दौड़कर डिब्बे के गेट पर पहुंचा और पिलर संख्या 401 के पास चलती ट्रेन से नीचे छलांग लगा दी।
पोल से टकराकर हुआ लहूलुहान, गार्ड ने 1 किलोमीटर बैक ली ट्रेन
ट्रेन की गति तेज होने के कारण नीचे कूदते ही युवक हवा में लहराकर पटरियों के ठीक पास स्थित एक लोहे के पोल से पूरी ताकत के साथ जा टकराया। पोल की भीषण टक्कर से उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर वहीं ट्रैक किनारे गिर पड़ा। बोगी में मौजूद सहयात्रियों ने तुरंत शोर मचाकर और जंजीर खींचकर ट्रेन को रुकवाया।
इसके बाद ट्रेन के गार्ड ने त्वरित निर्णय लेते हुए इंसानियत दिखाई और ट्रेन को घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर वापस (बैक) लिया। रेलवे स्टाफ और यात्रियों ने मिलकर तड़प रहे घायल युवक को वापस ट्रेन के भीतर डाला और आपातकालीन स्थिति में उसे नजदीकी सूडसर रेलवे स्टेशन पहुंचाया।
सूडसर स्टेशन पर उतारा तब तक टूट चुकी थी सांसें; पहचान के प्रयास जारी
ट्रेन में सफर कर रहे क्षेत्र के प्रत्यक्षदर्शी यात्री लादूपूरी गोस्वामी ने बताया कि जब युवक को ट्रेन में वापस डाला गया और जब तक ट्रेन सूडसर स्टेशन तक पहुंची, तब तक युवक के जिस्म में हरकत हो रही थी और वह जीवित था। लेकिन जैसे ही ट्रेन सूडसर स्टेशन पर रुकी और उसे नीचे उतारा गया, तब तक अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसने दम तोड़ दिया। लादूपूरी गोस्वामी ने कहा कि यदि युवक को घटनास्थल पर ही तत्काल प्राथमिक उपचार या एम्बुलेंस के जरिए बेहतर चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
फिलहाल, मृतक युवक का शव सूडसर रेलवे स्टेशन पर ही रखा गया है और घटना की आधिकारिक सूचना रेलवे पुलिस (GRP) को दे दी गई है। मृतक की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन उसकी पैंट की जेब से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस उसकी पहचान स्थापित करने और परिजनों को सूचित करने के प्रयास कर रही है। रेलवे पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद पंचनामा भरकर शव को मोर्चरी भिजवाया जाएगा और आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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