— नॉन-स्टॉप एक्शन से मचा हड़कंप: स्टिंग और रेड बुल के बाद अब 'कैंपा एनर्जी' (Campa Energy) पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा प्रहार।
— करनी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी जब्ती: कानासर रोड स्थित मैसर्स श्री विनायक एंटरप्राइजेज से लिया सैंपल, रिकॉर्डतोड़ 35 हजार से अधिक कैन किए सीज।
— भ्रामक प्रचार पर FSSAI का शिकंजा: सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध बोले— लेबल पर "एनर्जी ड्रिंक", "बॉडी एनर्जाइज" या "माइन्ड स्टिम्युलेट" जैसे दावे अवैध।
— ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को भी निर्देश: अत्यधिक कैफीन वाले ये पेय बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, ऑनलाइन बिक्री पर भी नजर।
बीकानेर, 8 जुलाई (बुधवार)। बीकानेर जिले में प्रतिबंधित दावों और भ्रामक ब्रांडिंग के जरिए युवाओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग का महा-अभियान लगातार जारी है। खारा और रानी बाजार के बाद अब खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की विशेष टीम ने कानासर रोड स्थित करनी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने यहाँ स्थित मैसर्स श्री विनायक एंटरप्राइजेज के प्रतिष्ठान पर औचक दबिश देकर नामी ब्रांड 'कैंपा एनर्जी' के हजारों कैन सीज कर दिए हैं।
सीएमएचओ डॉ. पुखराज साध के नेतृत्व में हुई अब तक की सबसे बड़ी जब्ती
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुखराज साध ने बताया कि राज्य खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग के निर्देशानुसार जिले में कैफिनेटेड बेवरेज के विरुद्ध विशेष धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने करनी औद्योगिक क्षेत्र में श्री विनायक एंटरप्राइजेज के परिसर का सघन निरीक्षण किया। टीम ने वहाँ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act) के तहत कैफिनेटेड बेवरेज ‘कैंपा एनर्जी’ का कानूनी नमूना (सैंपल) लिया। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए मौके पर मौजूद कैंपा एनर्जी के 35,936 कैन एहतियातन सीज कर दिए गए। जिले में इस अभियान के तहत यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती मानी जा रही है।
एनर्जी या स्पोर्ट्स ड्रिंक लिखना पूरी तरह प्रतिबंधित
डॉ. पुखराज साध ने स्पष्ट किया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी कैफिनेटेड बेवरेज के लेबल पर "स्टिमुलेट्स माइंड" (दिमाग सक्रिय करना), "एनर्जाइज़ बॉडी" (शरीर को ऊर्जा देना), "एनर्जी ड्रिंक" अथवा "स्पोर्ट्स ड्रिंक" जैसे शब्दों का उपयोग करना गंभीर अपराध है। यह उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावों की श्रेणी में आता है, जिसके चलते एफएसएसएआई ने देश के सभी प्रमुख बेवरेज ब्रांडों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
स्वास्थ्य के लिए घातक; ई-कॉमर्स कंपनियों को भी चेतावनी
चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, इन ड्रिंक्स में मौजूद अत्यधिक कैफीन की मात्रा गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, बच्चों और कैफीन के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों की सेहत पर बेहद बुरा असर डाल सकती है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा सभी प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स) को भी इन ड्रिंक्स को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
गोदाम से लिए गए नमूनों को तुरंत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, बीकानेर भेजा जा रहा है। लैब से विस्तृत जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत संबंधित कंपनी और वितरक के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई करने वाली पुलिस/प्रशासनिक टीम
इस प्रभावी और बड़ी कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार वर्मा, भानु प्रताप सिंह, सुरेंद्र कुमार तथा राकेश गोदारा की संयुक्त टीम द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ अंजाम दिया गया।

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