— सात दिन चले इलाज के बाद तोड़ा दम: पीबीएम अस्पताल बीकानेर में उपचाराधीन 60 वर्षीय पीड़िता गुड्डी देवी ने गुरुवार को ली अंतिम सांस।
— पारिवारिक रंजिश में दिया था वारदात को अंजाम: 24 जुलाई को रीड़ी गांव में आरोपी भतीजे मनीष ने चाची पर पेट्रोल उड़ेलकर लगा दी थी आग।
— मुकदमे में जुड़ेगी हत्या की धारा: मामले के जांच अधिकारी एसआई रतनलाल ने दी जानकारी; आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद।
— पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपा शव: शुक्रवार को पुलिस ने पीबीएम मोर्चरी में पोस्टमार्टम की कार्रवाई करवाकर शव परिजनों को किया सुपुर्द।
बीकानेर, 01 अगस्त। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के रीड़ी गांव में पारिवारिक रंजिश और गुस्से के चलते मानवता व रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना में पीड़िता महिला ने दम तोड़ दिया। 24 जुलाई को भतीजे द्वारा पेट्रोल छिड़ककर आग लगाए जाने से गंभीर रूप से झुलसी 60 वर्षीय वृद्धा की इलाज के दौरान पीबीएम अस्पताल में मौत हो गई।
24 जुलाई को हुई थी दर्दनाक घटना
मामले के जांच अधिकारी एसआई रतनलाल ने बताया कि गत 24 जुलाई को रीड़ी गांव में पारिवारिक रंजिश के चलते 22 वर्षीय आरोपी मनीष ने अपनी ही सगी चाची गुड्डी देवी (60 वर्ष, पत्नी शंकर वाल्मीकि) पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। आग की लपटों से महिला बुरी तरह झुलस गई थी। परिजनों ने उन्हें तुरंत बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती कराया था।
इलाज के दौरान मौत; अब दर्ज होगी हत्या की धारा
अस्पताल में सात दिनों तक चले जिंदगी और मौत के संघर्ष के बाद गुरुवार को पीड़िता गुड्डी देवी ने दम तोड़ दिया।
जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार को पीबीएम मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। आरोपी मनीष पहले से ही पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (जेल) में भेजा जा चुका है। अब मुकदमे में हत्या की धारा (धारा 103 BNS) जोड़कर जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।

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