— घटना का वीडियो वायरल: नगर निगम चुनाव के तहत वार्ड नंबर 73 से भाजपा प्रत्याशी दीपक पारीक के जनसंपर्क का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
— प्रत्याशी ने दिखाया संयम: साक्षात्कार के दौरान हुई इस अचानक घटना के बावजूद दीपक पारीक ने आपा नहीं खोया और पूरा संयम बनाए रखा, जिसकी इलाके में चर्चा हो रही है।
— स्थानीय मुद्दों पर चर्चा: वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि बुजुर्ग की नाराजगी की असली वजह क्या थी, हालांकि सार्वजनिक रूप से इस तरह की भाषा के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है।
बीकानेर: आगामी 9 सितंबर को होने वाले नगर निगम चुनाव को लेकर बीकानेर के विभिन्न वार्डों में चुनावी सरगर्मी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेजी से चल रहा है। इसी बीच वार्ड संख्या 73 से भाजपा प्रत्याशी दीपक पारीक के जनसंपर्क अभियान से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। इस वीडियो में चुनाव प्रचार के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा प्रत्याशी के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और अपशब्दों का प्रयोग किए जाने का मामला सामने आया है।
चूनगरों के मोहल्ले का है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शुक्रवार शाम चूनगरों के मोहल्ले की बताई जा रही है। उस दौरान एक पत्रकार वार्ड में जनसंपर्क कर रहे भाजपा प्रत्याशी दीपक पारीक का इंटरव्यू ले रहा था। इसी बीच, लगभग 70-75 वर्ष की आयु के एक बुजुर्ग वहां पहुंचे और अचानक प्रत्याशी के प्रति कथित तौर पर आपत्तिजनक व अपशब्दों का इस्तेमाल करने लगे।
अचानक घटी इस अप्रत्याशित घटना से मौके पर मौजूद लोग सकते में आ गए, लेकिन भाजपा प्रत्याशी दीपक पारीक ने परिपक्वता और संयम का परिचय देते हुए किसी भी तरह की तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी और अपना जनसंपर्क जारी रखा।
नाराजगी की वजह और चुनावी माहौल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद वार्ड में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इस बात को लेकर कयास लगा रहे हैं कि क्या बुजुर्ग की नाराजगी का कारण प्रत्याशी का स्थानीय नहीं होना है या फिर इसके पीछे कोई दूसरा स्थानीय या व्यक्तिगत मुद्दा है। हालांकि, वीडियो में बुजुर्ग की नाराजगी का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव में किसी भी प्रत्याशी को पसंद या नापसंद करना और मतदान करना हर मतदाता का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक मंच स्थान पर इस तरह की भाषा का प्रयोग चुनावी मर्यादा के अनुकूल नहीं माना जाता। इस घटना ने एक बार फिर चुनावी माहौल में राजनीतिक भाषा और शिष्टाचार के स्तर को लेकर बहस छेड़ दी है।
इंडिया फर्स्ट न्यूज़ इस तरह के अभद्र व्यवहार की निंदा करता है। साथ ही, वीडियो में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए आपत्तिजनक शब्दों को हम जानबूझकर प्रकाशित नहीं कर रहे हैं

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