— साइबर अपराधियों पर शिकंजा: बीकानेर साइबर पुलिस थाने ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के पैसों को बैंक खातों में प्राप्त करने वाले एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया है।
— क्रिप्टोकरेंसी (USDT) के जरिए विदेशों में ट्रांसफर: आरोपी आपराधिक गैंग्स के साथ मिलकर टेलीग्राम ऐप के जरिए विदेशी साइबर ठगों के संपर्क में थे और ठगी की रकम को यूएसडीटी (USDT) में बदलकर विदेशों में मास्टरमाइंड्स तक पहुंचाते थे।
— फर्जी बैंक खाते और 18 लाख का लेनदेन: आरोपी भरत कुमार नाई और अन्य साथियों द्वारा विभिन्न बैंकों में म्यूल (फर्जी) खाते खुलवाए जाते थे, जिनके एटीएम और नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स विदेशों में बेचे जाते थे। शुरुआती जांच में इन खातों के जरिए करीब 18 लाख रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है, और आरोपी भरत नाई के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 5 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं।
बीकानेर: बीकानेर पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश और जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ठगी की रकम ठिकाने लगाने वाले एक युवक को गिरफ्तार करने के साथ ही दो बाल अपचारियों को भी निरुद्ध किया है।
टेलीग्राम के माध्यम से विदेशों में बैठे मास्टरमाइंड्स से जुड़े थे तार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवर्ती सिंह राठौड़ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक त्वरित अनुसंधान दल दीपचंद सारण के सुपरविजन में साइबर थानाधिकारी श्रीमती शालिनी बजाज आरपीएस के नेतृत्व में गठित टीम (जिसमें थानाधिकारी विजेन्द्र कुमार शीला व अन्य शामिल रहे) ने यह प्रभावी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी भरत कुमार नाई (पुत्र भारमल नाई, उम्र 22 वर्ष, निवासी सीनै मैजिक के सामने वाली रोड नंबर 5, इंडस्ट्रियल एरिया, रानी बाजार, बीकानेर) को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण से सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम ऐप के जरिए देश से बाहर (विदेशों में) बैठे साइबर ठगी गिरोह के मास्टरमाइंड्स के सीधे संपर्क में थे। आरोपी अपने और अपने स्थानीय साथियों के नाम से विभिन्न बैंकों में फर्जी या म्यूल (Mule) खाते खुलवाते थे। इन खातों की संपूर्ण जानकारी (खाता संख्या, डेबिट कार्ड, किट और नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स) टेलीग्राम के माध्यम से विदेशी साइबर अपराधियों को बेची जाती थी।
कैश निकालकर यूएसडीटी (USDT) स्कैनर पर भेजते थे रकम
विदेशों में बैठे साइबर ठग देश के भोले-भाले नागरिकों को ठगकर पैसा सीधे इन किराए के बैंक खातों में डलवाते थे। राशि जमा होते ही आरोपी मूल खाताधारक को साथ ले जाकर एटीएम से तत्काल नकदी निकाल लेते थे। इसके बाद उस नकदी से क्रिप्टोकरेंसी खरीदी जाती थी और साइबर ठगों द्वारा दिए गए यूएसडीटी (USDT) स्कैनर पर डिजिटल करेंसी भेजकर ठगी के पैसों को सुरक्षित रूप से विदेशों में भिजवा दिया जाता था।
पुलिस की जांच में इन खातों के माध्यम से करीब 18,00,000 रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। गिरफ्तार आरोपी भरत कुमार नाई के बैंक खातों पर देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 5 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें दर्ज पाई गई हैं। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लायरों की तलाश में जुटी हुई है।

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