— डिजिटल अरेस्ट का बड़ा मामला: बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ निवासी और कोलकाता प्रवासी कपड़ा व्यापारी सुशील कुमार पेड़ीवाल को फर्जी पुलिस व कोर्ट का वारंट दिखाकर 'डिजिटल अरेस्ट' करने और 32 लाख रुपए ठगने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है.
— एक आरोपी गिरफ्तार: थानाधिकारी कश्यपसिंह राघव ने बताया कि पुलिस टीम ने बैंक डिटेल के आधार पर कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए 25 वर्षीय भानुप्रताप सिंह जाट (निवासी नगर, भरतपुर) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खाते में ठगी के 10 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे।
— अन्य खातों में भी ट्रांसफर हुई रकम: पुलिस के अनुसार इस ठगी की राशि 16-17 अन्य खातों में भी ट्रांसफर की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, जिससे अन्य आरोपियों की संलिप्तता का भी खुलासा होने की उम्मीद है।
बीकानेर: जिले में साइबर ठगी और 'डिजिटल अरेस्ट' के बढ़ते मामलों के बीच श्रीडूंगरगढ़ थाना पुलिस ने एक चर्चित प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के एक गुर्गे को दबोच लिया है। शातिरों ने कोलकाता के एक व्यापारी को फर्जी कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लाखों रुपए ऐंठे थे।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
कोलकाता में कपड़ा व्यापार करने वाले सुशील कुमार पेड़ीवाल गत 14 सितंबर 2026 को श्रीडूंगरगढ़ आए हुए थे। 18 सितंबर 2026 को उनके पास एक व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसके जरिए शातिर ठगों ने उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया।
फर्जी पुलिस अधिकारी और कोर्ट का वारंट दिखाकर व्यापारी को मानसिक रूप से इतना डरा दिया गया कि डर के मारे उन्होंने 21 सितंबर 2026 को बताए गए खातों में 32 लाख रुपए का आरटीजीएस करवा दिया। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित व्यापारी ने थाने में मामला दर्ज कराया, जिसके बाद थानाधिकारी कश्यपसिंह राघव के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
बैंक खातों की ट्रेल से पकड़ा गया आरोपी
थानाधिकारी राघव ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान और बैंक खातों की मनी ट्रेल (Money Trail) की कड़ियाँ जोड़ते हुए भरतपुर जिले के नगर निवासी भानुप्रताप सिंह जाट (25 वर्ष) को धर दबोचा। पूछताछ में सामने आया है कि ठगी गई कुल राशि में से 10 लाख रुपए इसी आरोपी के खाते में आए थे, जबकि शेष राशि 16-17 अन्य अलग-अलग खातों में बांटी गई थी। पुलिस रिमांड के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य पर्दाफाश होने की संभावना है।

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