— प्रतिबंधात्मक आदेश: जिला मजिस्ट्रेट निशान्त जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए 6 से 11 नवंबर 2026 तक शहर और जिले में कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं।
— पटाखों पर समय और क्षेत्रवार पाबंदी: पेट्रोल पंप, गैस गोदामों, संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों (आर्मी/एयरफोर्स/एम्युनिशन डिपो), अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों व धार्मिक स्थलों के 500 मीटर या 100 मीटर के दायरे में आतिशबाजी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी; साथ ही केवल रात्रि 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी।
— फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और मजिस्ट्रेट तैनात: त्योहारी सीजन में आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों व थानों पर फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस तैनात रहेंगी तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।
बीकानेर, 4 नवंबर: दीपोत्सव के पावन पर्व पर आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े प्रशासनिक कदम उठाए हैं। जिला मजिस्ट्रेट निशान्त जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत व्यापक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं, जो आगामी 6 नवंबर से 11 नवंबर 2026 तक पूरे जिले में प्रभावी रहेंगे।
प्रमुख बाजारों, संवेदनशील और शांत क्षेत्रों में आतिशबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध
जारी आदेशों के अनुसार सुरक्षा के मद्देनजर निम्नलिखित क्षेत्रों में पटाखों के उपयोग और आतिशबाजी पर सख्त प्रतिबंध रहेगा:
- पेट्रोलियम और गैस संस्थान: पेट्रोल पंप, गैस गोदाम और गैस बॉटलिंग प्लांट आदि के आस-पास 500 मीटर की परिधि में।
- प्रमुख बाजार एवं मार्ग: केईएम रोड, स्टेशन रोड, गंगाशहर रोड, दाऊजी रोड, सट्टा बाजार गली, लाभू जी कटला, बड़ा बाजार, तोलियासर भैरूजी की गली, जिन्ना रोड और कपड़ा बाजार (गंगाशहर)।
- संवेदनशील सैन्य क्षेत्र: आर्मी एरिया, एयरफोर्स बीकानेर/नाल तथा आर्मी के एम्युनिशन डिपो के 500 मीटर के दायरे में।
- शांत क्षेत्र (Silence Zones): अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक व जिला स्वास्थ्य केंद्रों, न्यायालयों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक परिसरों के 100 मीटर के दायरे में।
समय सीमा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
ध्वनि और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय (18 जुलाई 2005 व 23 अक्टूबर 2018 के आदेश) तथा राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य किया गया है।
गृह विभाग एवं पर्यावरण विभाग के आदेशानुसार, जिले में रात्रि 8 बजे से 10 बजे के बीच ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी; इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी समय आतिशबाजी करने पर पूरी पाबंदी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और बर्न यूनिट मुस्तैद
आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए 6 से 9 नवंबर 2026 तक विशेष प्रबंध किए गए हैं:
- नगर निगम की ओर से कोटगेट थाना, नयाशहर थाना, पुलिस नियंत्रण कक्ष, कोतवाली थाना तथा उपखंड कार्यालय लूणकरणसर में फायर ब्रिगेड गाड़ियां तैनात रहेंगी।
- पीबीएम एवं सेटेलाइट अस्पताल में डॉक्टरों की टीम के साथ एम्बुलेंस तैयार रखी जाएगी तथा कोटगेट थाने में भी एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाएगी। सभी अस्पतालों के बर्न यूनिट में राउंड-द-क्लॉक (24 घंटे) ड्यूटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शांति व्यवस्था के लिए 5 कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त
त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने प्रमुख क्षेत्रों में 5 कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं:
- श्रीमती सविना बिश्नोई (भू-प्रबंध अधिकारी) — पुलिस थाना सदर व जेएनवी क्षेत्र।
- ऋषि सुघांशु पांडे (उपायुक्त, बीकानेर विकास प्राधिकरण) — पुलिस थाना गंगाशहर क्षेत्र।
- यशपाल आहूजा (रजिस्ट्रार, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय) — पुलिस थाना नयाशहर एवं मुक्ताप्रसाद क्षेत्र।
- श्रीमती शारदा चौधरी (उपायुक्त, उपनिवेशन विभाग) — पुलिस थाना कोटगेट एवं सिटी कोतवाली क्षेत्र।
- सतवीर पचार (उप पंजीयक द्वितीय) — पुलिस थाना बीछवाल क्षेत्र।
ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) और तहसीलदार अपने क्षेत्रों के प्रभारी होंगे। संपूर्ण व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्र में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) उम्मेद सिंह रतनू और शहरी क्षेत्र में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (नगर) श्रीमती रीना प्रभारी मजिस्ट्रेट के रूप में कमान संभालेंगी।

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