– "बीकानेर में हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता": पड़ोसियों को धमकाने वाले रसूखदारों की हेकड़ी निकली; कलक्टर नम्रता वृष्णि के निर्देश पर जड़ा ताला
– शर्मनाक: रिहायशी इलाके में चल रहा था नशे का कारोबार, क्रिकेट टर्फ पर गूंजती थी गंदी गालियां
बीकानेर, 24 जनवरी (शुक्रवार)।बीकानेर की शांत फिजा में "हुक्का बार कल्चर" का जहर घोलने वाले और प्रशासन को अपनी जेब में बताने वाले रसूखदारों पर आखिरकार शुक्रवार को कानून का डंडा चल गया। जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि के कड़े निर्देशों के बाद बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) ने जय नारायण व्यास कॉलोनी (JNV) की खतूरिया कॉलोनी स्थित 'KMR रिसोर्ट' (KMR Spade) को सील एंड सीज कर दिया है।
यह रिसोर्ट बीकानेर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष जुगल राठी के ग्रुप का है। कार्रवाई के दौरान सामने आया कि कैसे रिहायशी इलाके (Residential Area) में नियमों की धज्जियां उड़ाकर अनैतिक गतिविधियां चलाई जा रही थीं।
"पुलिस हमारी जेब में है"—शिकायत करने पर मिलती थी धमकी
मोहल्लेवासियों ने लिखित शिकायत में रसूखदारों की दबंगई का खुलासा किया है। पीड़ितों का आरोप है कि जब वे शोर-शराबे और नशे की शिकायत करने रिसोर्ट जाते, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता। संचालक कहते— "बीकानेर में हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, पुलिस हमारी जेब में है।" यह रिसोर्ट पूरी तरह आवासीय भूखंड पर बना है और इसके आसपास घर हैं। देर रात तक चलने वाली पार्टियों से स्थानीय निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर थे।
धर्मनगरी का बिगड़ता मिजाज
शिकायत में बताया गया कि चंद पैसों के लालच में 'धर्मनगरी' का माहौल खराब किया जा रहा है। अब यहां नाबालिग बच्चे और युवतियां भी हुक्का, शराब और सिगरेट के लत का शिकार हो रही हैं। KMR रिसोर्ट पर आरोप है कि यहां मेडिकल नशा और हुक्का परोसा जा रहा था।
विवादों में राठी: नागालैंड हथियार कांड से जुड़ा है नाम
जुगल राठी का विवादों से पुराना नाता रहा है। उनका नाम बीकानेर के बहुचर्चित नागालैंड फर्जी हथियार लाइसेंस कांड में भी सामने आ चुका है, जिसकी जांच SOG कर रही है। अब BDA की टीम रिसोर्ट की लीज डीड, लैंड यूज और निर्माण अनुमति के दस्तावेज खंगाल रही है। सीज का आधार 'आवासीय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां' बताया गया है।
बड़ा सवाल: क्या सिस्टम घुटने टेक देगा?
कार्रवाई तो हो गई, लेकिन स्थानीय लोगों को डर है कि रसूख के दम पर यह कार्रवाई सिर्फ दिखावा न साबित हो। परिवादिया का कहना है कि दूसरे पक्ष ने चैलेंज किया है कि वे जल्द ही जमीन का 'लैंड यूज' (Commercial Convert) बदलवाकर रिसोर्ट फिर शुरू कर देंगे।क्या प्रशासन और समाज पैसे वालों के आगे घुटने टेक देगा या फिर बीकानेर की संस्कृति को बचाने के लिए यह ताला हमेशा के लिए लगा रहेगा?

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