– 4 घंटे का 'डिजिटल' झोल: डॉक्टर ने शाम को मृत घोषित किया, रात में आई 'अग्नि परीक्षा' और 'न्याय' वाली पोस्ट; आखिर फोन कौन चला रहा था?
– इंजेक्शन से बिगड़ी तबीयत? बुखार आने पर कंपाउंडर ने लगाया था इंजेक्शन, तभी हो गईं निढाल; पिता शव को मोर्चरी के बजाय ले गए थे आश्रम
जोधपुर, 28 जनवरी,पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत एक सामान्य घटना से अब पुलिस के लिए एक 'पेचीदा पहेली' बन गई है। बुधवार शाम उनकी मौत के बाद घटनाक्रम ने ऐसे नाटकीय मोड़ लिए कि हर कोई हैरान है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शाम 5:30 बजे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था, तो रात 9:28 बजे उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से 'सुसाइड नोट' जैसा पोस्ट किसने किया? इस मामले में RLP सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
मिस्ट्री नंबर 1: मौत और पोस्ट के बीच 4 घंटे का अंतर
- शाम 5:30 बजे (मौत): एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा के अनुसार, साध्वी को उनके पिता और एक युवक कार से पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। वहां डॉ. प्रवीण जैन ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- रात 9:28 बजे (पोस्ट): मौत की पुष्टि के करीब 4 घंटे बाद साध्वी के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट अपलोड हुई। इसमें लिखा था— "मैंने आदि गुरु शंकराचार्य को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया... जीते जी नहीं तो जाने के बाद न्याय मिलेगा।" जब साध्वी की मौत हो चुकी थी, तो यह पोस्ट किसने की? क्या यह 'शेड्यूल्ड पोस्ट' थी या उनका मोबाइल किसी और के पास था?
मिस्ट्री नंबर 2: इंजेक्शन और कंपाउंडर की भूमिका
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है।बताया जा रहा है कि साध्वी को बुखार था। आश्रम में ही किसी कंपाउंडर को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया था। इंजेक्शन लगते ही उनकी तबीयत और बिगड़ गई और वे निढाल हो गईं। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस अब उस कंपाउंडर और इंजेक्शन की जांच कर रही है।
मिस्ट्री नंबर 3: शव को लेकर भागदौड़
अस्पताल में भी अजीब घटनाक्रम हुआ। डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी (MG) या मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल ले जाने की सलाह दी और एम्बुलेंस भी ऑफर की।लेकिन साध्वी के पिता ने एम्बुलेंस लेने से इनकार कर दिया और शव को अपनी निजी कार में डालकर बोरनाडा स्थित आश्रम ले गए।मामला संदिग्ध लगने पर बाद में बोरनाडा पुलिस ने हस्तक्षेप किया और शव को आश्रम से उठवाकर महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया।
गुरुवार को होगा पोस्टमार्टम, खुलेगा राज
फिलहाल पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। गुरुवार (29 जनवरी) को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया जाएगा, जिससे यह साफ होगा कि मौत बुखार से हुई, रिएक्शन से हुई या कोई और वजह (जहर/साजिश) थी।
सांसद बेनीवाल ने उठाए सवाल
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट कर घटना पर दुख जताया और इसे संदिग्ध बताया। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से बात कर मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि 'न्याय' वाली पोस्ट का सच सामने आ सके।


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