– कालूबास की घटना: घर के बाहर खेल रही थी मासूम, टॉफी-लालच देकर अपने साथ ले गया आरोपी; मोहल्ले में भारी आक्रोश
– त्वरित एक्शन: पिता की रिपोर्ट पर SHO कश्यप सिंह ने बनाई 4 टीमें; पुलिस ने आरोपी को तुरंत डिटेन किया
बीकानेर, 26 जनवरी (सोमवार)। जहां पूरा देश गणतंत्र दिवस के जश्न और गर्व में डूबा हुआ है, वहीं बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में रविवार शाम एक ऐसी घिनौनी वारदात हुई, जिसने हर शहरवासी का सिर शर्म से झुका दिया। यहां हवस में अंधे एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी ही पोती की उम्र की 8 साल की बच्ची को शिकार बनाने की कोशिश की। गनीमत रही कि परिजनों को समय रहते भनक लग गई। घटना के बाद पूरे शहर में जबरदस्त आक्रोश है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को डिटेन कर लिया है।
गली में खेल रही थी, बहला-फुसलाकर ले गया
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना कस्बे के कालूबास इलाके की है।रविवार शाम को 8 वर्षीय बालिका अपने घर के पास गली में खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाले 60 वर्षीय बुजुर्ग की नीयत खराब हो गई। आरोप है कि बुजुर्ग ने बच्ची को बहला-फुसलाकर और लालच देकर अपने पास बुलाया। इसके बाद वह उसे अकेले में ले गया और उसके साथ गलत हरकत (दुष्कर्म की कोशिश) की।
पुलिस ने तुरंत दबोचा
घटना की जानकारी मिलते ही बच्ची के परिजन तुरंत थाने पहुंचे और आपबीती बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी कश्यप सिंह तुरंत हरकत में आए। SHO ने आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की 4 विशेष टीमें रवाना कीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को कुछ ही देर में डिटेन कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
शहर में गुस्सा, कठोर कार्रवाई की मांग
इस घटना की खबर जैसे ही कालूबास और शहर में फैली, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस उम्र में बुजुर्ग को रक्षक होना चाहिए, वह भक्षक बन गया। शहरवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे दरिंदे के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत इतनी सख्त कार्रवाई की जाए कि वह एक नजीर बने।

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