– वार्ड 16 की घटना: 45 वर्षीय इंदुबाला को पशुओं ने मारी टक्कर, SDH में चल रहा इलाज; लोगों ने कहा- प्रशासन बड़े हादसे का कर रहा इंतजार?
– जनता त्रस्त: कस्बे में निकलना हुआ मुश्किल, हर गली-चौराहे पर पशुओं का जमावड़ा; नगरपालिका प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग
बीकानेर, 25 जनवरी (रविवार)।बीकानेर जिले के खाजूवाला कस्बे में निराश्रित (आवारा) पशुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की अनदेखी के चलते सड़कें 'युद्ध का मैदान' बन गई हैं। रविवार को वार्ड नंबर 16 में आपस में भिड़ रहे दो पशुओं ने एक राहगीर महिला को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
भिड़ते हुए आए और महिला को टक्कर मार दी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना वार्ड नंबर 16 की है। दो आवारा पशु (सांड) बीच सड़क पर हिंसक होकर लड़ रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही 45 वर्षीय इंदुबाला (निवासी वार्ड नं. 16) उनकी चपेट में आ गईं। पशुओं की टक्कर से महिला सड़क पर गिर गई और उसे गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए महिला को संभाला और SDH अस्पताल (उपजिला अस्पताल), खाजूवाला पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
कब जागेगा नगरपालिका प्रशासन?
खाजूवाला में यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में आए दिन निराश्रित पशुओं के कारण हादसे हो रहे हैं। मुख्य बाजारों और गलियों में पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घर से निकलने में भी डरते हैं।लोगों का आरोप है कि नगरपालिका प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। न तो पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है और न ही उन्हें नंदीशाला भेजा जा रहा है।नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही कोई बड़ा निर्णय लेकर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, वरना जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।

0 Comments